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सभी रत्नों को सुबह स्नान करने के पश्चात सही अंगुली में पहनना चाहिए। पहनने से पहले उसे कच्चे दूध में धोकर पहनें। रत्न आप अपने बांए या दाएं हाथ में पहन सकते हैं। अंगुली में डालने से पहले आप रत्न को 24 घंटे के लिए क्रिस्टल पिरामिड के दायरे में रख दें तो अंगूठी की सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है। रत्न के लिए उसका कम से कम वजन, किस धातु में पहनना है, दिन और अंगुली के बारे में जानकारी नीचे दी जा रही है-
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ग्रह स्वामी लग्न में अंक रत्न
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मेष मंगल 1 मूंगा, मोती, पुखराज
वृष शुक्र 2 हीरा, पन्ना, नीलम
मिथुन बुध 3 पन्ना, नीलम
कर्क चंद्र 4 मोती, मूंगा, पुखराज
सिंह सूर्य 5 माणिक्य, मूंगा, पुखराज
कन्या बुध 6 पन्ना, हीरा, मोती
तुला शुक्र 7 हीरा, पन्ना, नीलम
वृश्चिक मंगल 8 मूंगा, माणिक्य, पुखराज
धनु वृहस्पति 9 पुखराज, माणिक्य
मकर शनि 10 नीलम, हीरा
कुंभ शनि 11 नीलम, हीरा मीन वृहस्पति 12 पुखराज, मूंगा
माणिक्य का वजन कम से कम सवा चार रत्ती होना चाहिए। सोने की अंगूठी में इसे रविवार को अनामिका अंगुली में धारण किया जाता है। मोती सवा चार रत्ती का चांदी की अंगूठी में सोमवार के दिन कनिष्ठा अंगुली में धारण किया जाता है। मूंगा सवा चार रत्ती का सोना या चांदी की अंगूठी में मंगलवार के दिन अनामिका या कनिष्ठा अंगुली में धारण किया जा सकता है। पन्ना सवा पांच रत्ती का सोने या चांदी की अंगूठी में बुधवार को कनिष्ठा अंगुली में धारण किया जाता है। पुखराज सवा पांच रत्ती का सोने की अंगूठी में गुरुवार को तर्जनी में धारण किया जाता है। हीरा 30 सैंट का सोने की अंगूठी में मध्यमा या कनिष्ठा अंगुली में शुक्रवार का धारण किया जाता है। नीलम सवा पांच रत्ती का चांदी की अंगूठी में मध्यमा अंगुली में शनिवार को धारण किया जाता है। गोमेद सवा सात रत्ती का चांदी की अंगूठी में मध्यमा अंगुली में शनिवार या बुधवार को धारण किया जा सकता है। लहसुनिया सवा पांच रत्ती का चांदी की अंगूठी में मध्यमा अंगुली में शनिवार या बुधवार को धारण किया जा सकता है।

आचार्य पवन शास्‍
त्री

keyword: ratna, jyotish

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  1. बहुत उम्दा,सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति
    नब बर्ष (2013) की हार्दिक शुभकामना.

    मंगलमय हो आपको नब बर्ष का त्यौहार
    जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार
    ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार
    इश्वर की कृपा रहे भरा रहे घर द्वार.

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