0

रत्नों का चुनाव चार चार विधियों से किया जा सकता है।
1- जन्मपत्री देखकर लग्नराशि के अनुसार
2- शयन कक्ष में प्रवेश द्वार की दिशानुसार
3- नामराशि अथवा जन्मतिथि से
4- ग्रहों की दशा-अंतर्दशा देखकर
अपनी जन्म पत्रिका या शयनकक्ष का प्रवेश द्वार की दिशानुसार भाग्यशाली रत्न का चुनाव करना सबसे कारगर साबित होता है।
उदाहरण

(क)- चित्र में जो कुण्डली दिखाई गई है उसमें सबसे ऊपर वाले घर में अंक 5 लिखा हुआ है। अंक 5 यानी आपका लग्न सिंह राशि का है। अत: आप माणिक्य, मूंगा या पुखराज धारण कर सकते हैं।

(ख)- दर्शायी गई कुण्डली में ऊपर वाले घर में अंक 10 लिखा है। इसका मतलब हुआ कि आपकी लग्न राशि मकर है। इसके लिए आप नीलम या हीरा अपनी अंगुली में धारण कर सकते हैं।
आचार्य पवन शास्‍त्री

keyword: ratna, jyotish

नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गुगल सर्च से ली गई है, यदि किसी फोटो पर किसी को आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगीा

Post a Comment

gajadhardwivedi@gmail.com

 
Top