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जिनका जन्म 9, 18, 27 तारीख में किसी भी माह में हुआ है उनका मूलांक 9 है। इनके जीवन का प्रतिनिधित्व मंगल ग्रह करता है। ये मान-सम्मान, मर्यादा व चरित्र पर ज्यादा बल देते हैं। कार्य के प्रति धुन के पक्के, स्वभावत: कुछ क्रोधी, अलग व्यक्तित्व वाले प्राणी होते हैं। झुकना नहीं जानते और सामने वाले को झुकाना इन्हें प्रिय होता है। अनुशासित जीवन इनकी सबसे बड़ी विशेषता है। दाम्पत्य जीवन बहुत उत्तम नहीं होता। ये भाग्य के स्वयं निर्माता और कर्ता-धर्ता होते हैं। पूर्वजों की चली आई संस्कृति और सभ्‍यता के प्रति इनके मन में मोह होता है।
विवेचना- ग्रह स्वामी- मंगल। श्रेष्ठ समय- 21 मार्च से 27 अप्रैल, 21 अक्टूबर से 27 नवम्बर। श्रेष्ठ तिथियां- 9, 18, 27। श्रेष्ठ वर्ष-9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72। अनुकूल तिथियां- 3, 12, 21, 30 एवं 6, 15, 24। अनुकूल वर्ष- 3, 12, 21, 30, 39, 48, 57, 66, 75 एवं 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60, 69। निर्बल समय- मार्च, मई, जून तथा 18 नवम्बर से 31 दिसम्बर। विपरीत तिथियां- 1, 10, 19, 28। शुभ दिन- मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार। शुभ रंग- लाल, गुलाबी। शुभ रत्न- मूंगा। धातु- सुवर्ण। रोग- रक्तचाप, दुर्घटना, चोट, शरीरिक शिथिलता, हृदय रोग। देव- हनुमान जी। व्रत- मंगलवार। दान पदार्थ- मूंगा, स्वर्ण, गेहूं, रक्त चंदन, लाल वस्त्र, गुड़, घी, कनेर पुष्प, केशर। विवाह संबंध- 15 अक्टूबर से 14 दिसम्बर तथा 15 मई से 14 जून के मध्य जन्मे जातकों से। अनुकूल अंक- 1, 2, 3, 4, 6, 7। प्रतिकूल अंक- 5, 8। व्यवसाय- संगठन, संघ संचालन, नियंत्रण, चिकित्सा, ज्योतिष, धर्मोपदेश, सैन्य विभाग, गोला-बारूद, वकालत, औषधि कार्य, धातु कार्य आदि। अनुकूल दिशा- पूर्व, उत्तर-पूर्व। प्रतिकूल दिशा- दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम।

आचार्य शरदचंद्र मिश्र

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