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जिनका जन्म 7, 16, 25 तारीख को किसी महीने में हुआ है उनका मूलांक 7 है। इनके जीवन का प्रतिनिधित्व नेपच्यून ग्रह करता है। इनके व्यक्ति में अनेकानेक खूबियां होती हैं। इनका व्यक्तित्व सैकड़ों- हजारों लोगों में पहचाना जा सकता है। परिवर्तन इनको प्रिय है। ये नित्य नवीनता के समर्थक होते हैं। इनकी निर्मित योजनाएं शायद ही कभी असफल हों। साहित्य, संगीत, ललित कला या चित्र कला में ये ख्याति अर्जित करते हैं। मौलिकता इनका अनन्य गुण है। धन की अपेक्षा मान-सम्मान का ये ज्यादा ख्याल रखते हैं। इनमें अद्भुत गुणों का समावेश होता है। ये धर्मभीरु, परोपकारी, स्नेही, ठंडे मिजाज वाले, सहिष्णु, सौम्य, सरलचित्त, साहसी, कल्पनाप्रिय, दार्शनिक, अच्छे विचारक और विज्ञान प्रेमी होते हैं। योगसिद्धि, साधना, चिंतन, मनन ही इनका उद्देश्य होता है।
विवेचना- स्वामी ग्रह- नेपच्यून। शुभ तारीखें- 7, 16, 25। सहायक तारीखें- 2, 11, 20, 29 एवं 1, 10, 19, 28 तथा 4, 13, 21, 31। शुभ समय- 21 जून से 25 जुलाई। शुभ वर्ष- 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70वां वर्ष। सहायक वर्ष- 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65, 74 तथा 1, 10, 19, 37, 46, 55, 64, 73 एवं 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67। निर्बल समय- जनवरी, फरवरी, जुलाई, अगस्त। शुभ दिन- रविवार, सोमवार, बुधवार। सर्वोत्तम दिन- सोमवार। शुभ रंग- हरा, हल्का पीला, सफेद, चमकीला। शुभ रत्न- हीरा, लहसिनया। शुभ धातु- स्वर्ण। रोग- संक्रमण रोग, पसीने की अधिकता, आमाशय दोष, कब्ज, भूख न लगना, अनिद्रा, घबराहट, वातरोग, मंदाग्नि, कफ, रक्त विकार। इष्ट देव- नृसिंह भगवान। व्रत- सोमवार। दान पदार्थ- सोना, लोहा, पंचधातु, जूता, सप्तधान्य, तेल। व्यवसाय- तैराकी, अभिनय, फिल्म, वायुसेना, पर्यटन, ड्राइवरी, जलयान का कार्य, मेडिसिन, चिकित्सा, कृषि, सर्जरी, प्लास्टिक, ललितकला, तरल पदार्थ, कूटनीतिक कार्य, खनिज एवं अनुवादक का कार्य इत्यादि। अनुकूल दिशा- दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व। प्रतिकूल दिशा- उत्तर-पश्चिम।

आचार्य शरदचंद्र मिश्र

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