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सूर्य ग्रहों के राजा तथा प्रत्‍यक्ष देवता हैं। धार्मिक दृष्टि के अलावा ज्योतिषीय दृष्टि से भी सूर्य का बहुत महत्व है। हृषिकेश पंचांग के अनुसार 14 जनवरी को मध्याह्न 2 बजकर 55 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर राशि सूर्य पुत्र शनि का घर है। वह 12 फरवरी तक इस राशि में रहेंगे। वह भिन्न-भिन्न राशि वालों को अलग-अलग फल प्रदान करेंगे। मेष, वृष, कन्या व धनु राशि वालों को उत्तम तथा अन्य राशि वालों को मिला-जुला फल प्रदान करेंगे।
मेष- बड़े-बड़े उत्तरदायित्वों के सफल निर्वहन से यश की प्राप्ति होगी। अधिकारों की प्राप्ति व उद्योग-व्यापार में उत्तम लाभ व स्थिरता मिलेगी। धनागम होगा। प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। उच्च श्रेणी के व्यक्तियों से सहयोग मिलेगा। पदोन्नति हो सकती है।
वृष- कार्य सिद्धि होगी। मनोकामना पूर्ति होगी। उच्च स्तरीय व्यक्तियों से सहयोग मिलेगा। रोगों से छुटकारा मिलेगा।
मिथुन- धन हानि का योग है। मित्रों से तालमेल का अभाव तथा शारीरिक-मानसिक कष्ट मिल सकता है। शरीरिक उष्णता में वृद्धि एवं पित्त विकार की अशंका रहेगी। मनोवृत्ति अस्थिर हो सकती है। अधिकारियों से विरोध की आशंका है। बुद्धि भ्रमित हो सकती है जिसके कारण गलत कार्य भी हो सकते हैं।
कर्क- स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। शरीर में उष्णता बढ़ सकती है जिससे पित्त एवं ज्वर के प्रकोप की आशंका रहेगी। उदर रोग संभव है। मन में क्लेश, उद्वेग व मानसिक अशांति के योग हैं। धन हानि की आशंका, स्वभाव में चिड़चिड़ापन व बेवजह यात्रा करनी पड़ सकती है।
सिंह- आय से अधिक व्यय की स्थितियां बन सकती हैं। कलह व अशांति का योग भी मिल सकता है। व्यवसाय में हानि की आशंका व सुख में बाधा, स्वाथ्य प्रभावित हो सकता है, स्थानांतरण की आशंका है।
कन्या- उच्च पद या उच्च स्थान की प्राप्ति हो सकती है। उद्योग- व्यवसाय में उत्कर्ष होगा। इच्छाओं की पूर्ति होगी। शुभ कार्य संपन्न होंगे। मन में आशा, उत्साह व स्फूर्ति का संचार रहेगा। स्वास्थ्य लाभ हो सकता है। उच्च स्तरीय व्यक्ति से सहयोग मिलेगा। पराक्रम से कार्य सिद्ध होगा और कार्य क्षेत्र में अनुकूलता आएगी।
तुला- स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। मन चंचल व अस्थिर रह सकता है। कार्य से मन उचट सकता है। लोगों से वैमनस्य बढ़ सकता है। शत्रुओं से पीड़ा और प्रपंच से कष्ट मिल सकता है। कार्यों में रुकावट आ सकती है। अपयश मिल सकता है। मानहानि हो सकती है। व्यवसाय में दुविधा के योग हैं।
वृश्चिक- जीवन साथी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। उदर रोग पित्त विकार, शुभ कार्यों में अड़चन, नेत्र व मस्तिष्क में पीड़ा का योग व शत्रु से परेशानी मिल सकती है।
धनु- स्वास्थ्य लाभ, शत्रुओं पर विजय, उत्साह का संचार, व्यवसाय में प्रगति, इच्छाओं की पूर्ति, सम्मान प्राप्ति व शुभ कार्यों के संपन्न होने के योग बन रहे हैं। अधिकारियों से प्रश्रय और सहयोग मिलेगा।
मकर- मन में भय, दामपत्य जीवन में कटुता, राज्य कृपा का अभाव, अधिकारियों से अनबन, उद्योग-धंधे में मंदी, साझेदारी में हानि तथा व्यवसाय परिवर्तन के योग हैं।
कुंभ- गुर्दा व जनेन्द्रिय संबंधी परेशानी, अज्ञात कष्ट, दुर्घटना का भय, अप्रसन्नता व मानसिक चिंता के योग हैं।
मीन- जीवन साथी व संतान को शारीरिक-मानसिक कष्ट मिल सकता है, बुद्धि भ्रमित हो सकती है। अपयश मिल सकता है। बेवजह यात्रा, बदनामी व धर्म के प्रति उदासीनता के योग बन रहे हैं।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र


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