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शास्त्रों के अनुसार संक्रांति के वाहन, उपवाहन, वस्त्र, उपवस्त्र, आयुध, भोज्य पदार्थ, लेपन पदार्थ, जाति, पुष्प, आभूषण, अवस्था एवं दिशा आदि निश्चित किए गए हैं। हृषिकेश पंचांग के अनुसार इस वर्ष मकर संक्रांति का मुख्य वाहन हाथी एवं उपवाहन गर्दभ है। मकर संक्रांति नीले वस्त्र धारण कर हाथों में धनुष नामक अस्त्र लिए हुए प्रौढ़ावस्था में बैठी हुई एवं दुग्ध भक्षण करती हुई प्रतीत होती है। लाल वस्त्र धारण किए हुए, आभूषण के रूप में सिर पर मुकुट है, यह पशु जाति (मृग जाति) की है जो पश्चिम दिशा में गमनकर वायव्य कोण को देख रही है। वार के अनुसार ध्वांसी और नक्षत्र के अनुसार महोदरी होकर यह संक्रांति व्यापारियों को लाभ देने वाली और बुद्धिजीवियों के लिए उत्तम रहेगी। तृतीया तिथि में होने से प्रशासन की दोषपूर्ण नीतियों से असंतोष तथा विवाद को जन्म देगी। खाद्यान्नों का उत्पादन अच्छा होगा।
राशिफल- यह संक्रांति मकर, मीन, कुंभ राशि के लिए हानिप्रद, मेष, वृष, धनु राशि के लिए लाभप्रद, कन्या राशि के लिए सुखद, कर्क व सिंह के लिए अरिष्टप्रद, तुला, वृश्चिक व मिथुन के लिए कष्टकारी हो सकती है।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र

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