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भारतीय लक्षण शास्त्र में हथेली के चिह्न के विषय में बहुत कुछ लिखा गया है ये चिह्न जातक में विशेष प्रभाव डालते हैं। हथेली में बने लक्षणों का सार यदि व्यवहार में लिया जाय तो जीवन की शुभता, समृद्धि, भाग्योदय, स्त्री सुख का ज्ञान आदि अनुभव किया जा सकता है। यदि धनुष का चिह्न हो तो जातक शत्रुहंता, वीर, विजयी और कभी न हारने वाला होता है। छत्र का चिह्न होने पर जातक राज्यपद, मंत्री, सर्वमान्य नेता और धार्मिक करने तथा करवाने वाला होता है। यदि पर्वत का चिह्न हो तो जातक इंजीनियर अथवा व्यापारी होता है। बड़ी इमारत बनाने वाला और रत्नों के व्यापार से लाभ प्राप्त करता है। कल्पवृक्ष का चिह्न होने पर जातक धनी, परोपकारी और भोगी होता है। रथ का चिह्न होने पर अधिक वाहन, बाग-बगीचे और भूमि का सुख भोगने वाला होता है। बावड़ी का चिह्न होने पर जातक परोपकारी, धनी और धार्मिक प्रवृत्ति वाला होता है। यदि हथेली में सिंहासन का चिह्न हो तो व्यक्ति राजनेता और उच्च पदाधिकारी होता है। यदि स्वास्तिक का चिह्न हो तो जातक पूर्ण भाग्यवान और सुरूपा स्त्री वाला होता है। तलवार का चिह्न हो तो जातक भाग्यवान व सम्माननीय व्यक्ति होता है। कलश का चिह्न होने पर जातक पूर्ण धनी, धार्मिक यात्रा करने वाला, विजयी, मंदिर, धर्मशाला और प्याऊ आदि बनवाने वाला होता है। जहाज का चिह्न होने पर विदेशी व्यापार करने वाला, दीर्घायु व भाग्यवान होता है। यदि कमण्डलु का चिह्न हो तो धर्म प्रचारक, कथावाचक, सुखी, धनी और सुदूर देश की यात्रा करने वाला होता है। पतंग का चिह्न होने पर जातक प्रतापी, भोगी और लोक विख्यात होता है। मोर का चिह्न होने पर संगीत, कला में अभिरुचि वाला, भोगी व लोकमान्य होता है। अंकुश का चिह्न होने पर विजयी, धनवान व विद्वान होता है। सूर्य का चिह्न होने पर सात्विक व सात्विक अधिकारी से युक्त होता है। देव विमान होने पर जातक तीर्थ यात्रा करने वाला, मंदिर बनवाने वाला और धार्मिक कार्यों में धन व्यय करने वाला होता है। त्रिशूल का चिह्न होने पर धार्मिक नेता और धर्म में कट्टरपंथी तथा दृढ़मती होता है। पुष्पमाला होने पर प्रसिद्ध, विजयी और पूर्ण खुशहाल होता है। सिंह का चिह्न होने पर शूरवीर, प्रशासनिक अधिकारी, राजवैभव युक्त व न कभी हारने वाला होता है। घोड़ा का चिह्न होने पर वाहन सुख अच्छा, उच्च राजनीतिक पद, सेना में सम्मानीय पद प्राप्त करने वाला होता है। मछली होने पर जातक धनवान, आराम तलब, विदेश यात्रा करने वाला, समुद्र के पास कार्यक्षेत्र वाला होता है। यह निशान बहुत शुभ माना जाता है। गज या हाथी का चिह्न होने पर मनुष्य बुद्धिमान, भाग्योवान और राजा के समान वैभव वाला व सरकारी नौकर होता है। पालकी का चिह्न होने पर धनवान होने के साथ वाहन और नौकर-चाकर के सुख से संपन्न होता है।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

keyword: palmistry, hastrekha

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