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नवरात्र शक्ति पूजा का पर्व है। इस दौरान आत्म शक्ति जागरण के लिए उपासना की जाती है। यदि साधक अपनी राशि के अनुसार सम्बद्ध मंत्र का जप करे तो उसका प्रभाव द्विगुणित हो जाता है। इससे देवी शीघ्र मनोकामना पूर्ण करती हैं। किस राशि के जातक को मां के कौन से रूप की उपासना करनी चाहिए। इस नीचे दिया जा रहा है।
मेष राशि: मेष राशि के जातकों को नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। इन्हें ‘ह्रीं दुं दुर्गायै नम:’ मंत्र का जप करना चाहिए।
वृष राशि: वृष राशि के जातकों को मां काली की उपासना करनी चाहिए। प्रतिदिन ‘क्रीं ह्रीं क्लीं’ अथवा ‘क्रां क्रीं क्रूं कालिका दैव्यै नम:’ मंत्र का 21 माला जप करना चाहिए। इस राशि वाले यदि कालिका सहस्रनाम का भी पाठ करें तो अत्यंत श्रेष्ठ फल प्राप्त होता है।
मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों को देवी तारा की उपासना करनी चाहिए। साथ ही स्फटिक की माला से ‘ऊं ह्रीं त्रीं हुं फट्’ मंत्र का ग्यारह माला जप करना चाहिए। साथ ही तारा कवच का पाठ करें।
कर्क राशि: कर्क राशि वाले जातकों को मां कमला की आराधना करनी चाहिए। इन्हें प्रतिदिन ‘नम: कमल वासिन्यै नम:’ मंत्र का 11 माला जप करना चाहिए। साथ प्रतिदिन श्रीसूक्त का पाठ भी करना चाहिए।
सिंह राशि: सिंह राशि वाले जातकों को मां बाला त्रिपुरा की उपासना करनी चाहिए। प्रतिदिन ‘ऐं क्लीं सौ:’ मंत्र का 11 माला जप करना चाहिए। साथ ही इन्हें नित्य भैरवी त्रैलोक्य विजय कवच का पाठ करना चाहिए।
कन्या राशि: कन्या राशि के जातकों को नवरात्र में मां मातंगी की आराधना करनी चाहिए। इस दौरान इन्हें ‘ऊं क्लीं हुं मातंग्यै फट् स्वाहा’ मंत्र का 11 माला जप करना चाहिए। साथ इन नौ दिनों में मातंगी सहस्रनाम का नित्य पाठ करना चाहिए।
तुला राशि: तुला राशि के जातकों को नवरात्र में माता महाकाली की आराधना करनी चाहिए। इन्हें ‘क्रीं हूं ह्रीं’ मंत्र का प्रतिदिन 21 माला जप करना चाहिए। साथ ही कामाख्या कवच व कामाख्या चालीसा का नित्य पाठ करना चाहिए।
वृश्चिक राशि: इस राशि के जातकों को नवरात्र में मां दुर्गा की उपासना करनी चाहिए। इन्हें प्रतिदिन ‘ऊं ह्रीं दुं दुर्गायै नम:’ मंत्र का 11 माला जप करना चाहिए। इसके साथ ही इन्हें दुर्गा सहस्रनाम नामावली का नित्य पाठ करना चाहिए।
धनु राशि: धनु राशि के जातकों को मां बगलामुखी की आराधना करनी चाहिए। इन्हें प्रतिदिन ‘श्रीं ह्रीं ऐं भगवती बगले श्रियं देहि देहि स्वाहा’ मंत्र का 11 माला तथा ‘ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का यथाशक्ति जप करना चाहिए।
मकर राशि: मकर राशि के साधकों को नवरात्र में मां षोडशी की उपासना करनी चाहिए। इन्हें ‘श्रीं’ मंत्र का अधिकाधिक जप करना चाहिए। साथ ही ललिता सहस्रनाम का नित्य पाठ करना चाहिए।
कुम्भ राशि: कुम्भ राशि के जातकों को मां भुवनेश्वरी की आराधना करनी चाहिए। इनके लिए ‘ऊं पां पार्वती दैव्यै नम:’ मंत्र का यथाशक्ति जप करना श्रेष्ठ है। इन्हें नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती का भी पाठ करना चाहिए।
मीन राशि: मीन राशि के जातकों को मां बगलामुखी की आराधना करनी चाहिए। इन्हें ‘श्रीं ह्रीं ऐं भगवती बगले श्रियं देहि देहि स्वाहा’ मंत्र का 11 माला एवं मोती की माला से ‘ऊं ह्रीं श्रीं दुर्गा दैव्यै नम:’ मंत्र का अधिकाधिक जप करना चाहिए।
ज्योतिषाचार्य पं. शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

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