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सूर्य मंडल में सूर्य राजा है तो बुध युवराज। छोटे बच्चों की जिद समझ, शैतानी के बारे में सोचा जाय तो बुध के गुण और कारकत्व का अनुमान लगाया जा सकता है। राशि चक्र में मिथुन और कन्या दो राशियां बुध के अधिकार वाली हैं। नैसर्गिक कुण्डली में मिथुन राशि तृतीय भाव और कन्या राशि छठें भाव में है। बुध शब्द बुद्धि से काफी समानता रखता है। यह छोटे बच्चे की तरह उतावला ग्रह है परन्तु इसकी आकलन शक्ति बेहद अच्छी है। ग्राह्य शक्ति के साथ इस ग्रह की समझ भी अच्छी है। वाणी भी बुध के अधिकार में है। अच्छी समझ, चातुर्यपूर्ण बातें, शब्दों से खेलना आदि बुध की विशेषताएं हैं। बुध की मिथुन राशि तृतीय भावगत है और मिथुन वायु तत्व की राशि होने से वाहन व प्रक्षेपण बुध के अधिकार में है। ध्वनि, आवाज और श्रवण शक्ति भी बुध के पास है। तृतीय भाव से अंतर्मन देखा जाता है और अंतर्मन प्रत्येक पल चंचल और परिवर्तनशील है, अत: सर्वदा परिवर्तन की चाह और द्विस्वभाव वृत्ति बुध के स्थायी भाव हैं।

शरीर के हिस्से- श्रवण शक्ति बुध के अधिकार में है, अत: कान, श्वसन संस्थान, फेफड़े, कंधे पर बुध का प्रभाव होता है। बुध की द्वितीय राशि कन्या नैसर्गिक कुण्डली में छठें भाव में आती है, इस भाव से पाचन संस्थान और उदर निर्देशित होते हैं, अत: इन हिस्सों पर भी बुध का प्रभाव होता है।

गुण- वाणी पर अधिकार होने के कारण वार्ता, बुद्धि पर अधिकार होने से अच्छा आंकलन, बचकाने स्वभाव के कारण अपनी सोच पर स्थायी कायम न रहना, चंचल व द्विस्वभाव वृत्ति के कारण एक साथ कई कार्यों में मन, कई बातों में रुचि, पढ़ने लिखने का शौक और बचकाना स्वभाव बुध का गुण है।

बीमारियां- बुध वाणी से जुड़ा हुआ है इसलिए तुतलाना, गूंगापन, श्वसन तंत्र पर अधिकार होता। अस्थमा, टीबी, दमा जैसी बीमारियां हो सकती हैं। श्रवण से जुड़ा है इसलिए कानों की बीमारियां, बहरापन, संवेदनशीलता के कारण मज्जातंतु की बीमारियां, पाचन पर अधिकार होने से पाचन की परेशानियां बुध में प्राप्त होती हैं।

कारोबार- बुद्धि, चतुराई, दलाली, शिक्षक, प्रोफेसर, वकील, सलाहकार, रिपोर्टर, दुभाषिया इत्यादि का पेशा बुध के अधिकार में है। बुध वाणी के साथ कलम पर भी अधिकार रखता है, इसलिए लेखन, संपादन, प्रकाशन, अनुवाद, इश्तेहार और छपाई के कारोबार पर बुध का प्रभाव है। बुध प्रसारण से संबंधित है, इसलिए पोस्ट, टेलीफोन, गणित से संबंधित होने से कम्प्यूटर और ज्योतिष इसके अधिकार क्षेत्र में आता है।

उत्पाद- कलम पर अधिकार होने से स्टेशनरी, कलम, पेंसिल, छपाई साधन, समाचार पत्र, फोन, रेडियो, वायरलेस सेट, श्रवण यंत्र, प्रत्येक प्रकार के खिलौने, कैलकुलेटर आदि वस्तुओं का निर्माण बुध के अधिकार क्षेत्र में आता है।

स्थान- बुद्धि से संबंधित ग्रह है इसलए स्कूल, कालेज, सभा स्थल, दूर संचार केन्द्र, टेलीफोन केन्द्र और आफिस बुध से देखा जाता है। स्टेशनरी दुकानें, प्रिटिंग प्रेस, ग्रंथालय, घर में रेडियो, टीवी, किताबों की आलमारी, फोन लेटर बाक्स, लिखने का पैड, बुध के वायु तत्व से संबंधित होने के कारण खिड़कियां, झरोखे आदि पर बुध का अधिकार है।

जानवर व पेड़-पौधे- बुध युवराज है इसलिए छोटे पक्षी, वाणी से संबंधित है इसलिए गाने वाले पक्षी, हरी सब्जियां और पौधे, द्विस्वभाव है इसलिए दो दाल वाले अनाज आदि पर बुध का अधिकार माना जाता है।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तयमपुर, गोरखपुर

keyword: budh, jyotish

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  1. आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा शनिवार(18-5-2013) के चर्चा मंच पर भी है ।
    सूचनार्थ!

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  2. Dwivedi Ji, Dhanyawad, Ab aap kafi rochak posts prakashit karne lage hain...!!!

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  3. Gaja thanks for that piece of information . Is there any email Id or phn number of Acharya Ji ?

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    1. thanks mysay,
      acharya saradchandra mishra- 09451189815

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  4. ऐसी पोस्ट पढ़ने को जब मिलती है तो बेहद प्रसन्नता होती है साहित्य के अलावा भी तमाम बातें जरूरी हैं .प्रस्तुतीकरण भी लाजबाब है ..बहुत सारी बधाई के साथ

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gajadhardwivedi@gmail.com

 
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