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नौ ग्रहों में बृहस्पति इंसाफ देने का काम करता है। इन्साफ दिलाना, तत्वज्ञ, भक्ति, धर्म, पुनर्जन्म, वेद, वेदान्त, देवता आदि का यह ग्रह प्रतिनिधित्व करता है। गुरु की धनु राशि नैसर्गिक कुण्डली में नवम भाव में आती है, इस राशि से यातायात देखा जाता है। बृहस्पति के ईश्वरीय गुण के कारण आदरणीय लोग जैसे राष्ट्रपति, मेयर, ट्रस्टी आदि गुरु से देखे जाते हैं। गुरु आकार में बड़ा ग्रह है इसलिए बड़प्पन, समाज सेवा, देश-दुनिया में मान-सम्मान, प्रमोशन, प्रत्येक प्रकार की वृद्धि और उन्नति पर बृहस्पति का प्रभाव रहता है। बृहस्पति की मीन राशि नैसर्गिक कुण्डली में व्यय स्थान अर्थात 12वें भाव में आती है, इसलिए परलोक, परदेश व मोक्ष का विचार भी इसी ग्रह से किया जाता है।

गुण- शांत स्वभाव, तत्वज्ञ, धार्मिक, साधक, अच्छा मार्ग दर्शक, न्यायी आदि बृहस्पति के गुण हैं। परिवार में वृद्धि करने वाला है इसलिए संतान सुख इससे देखा जाता है।

शरीर के हिस्से- चर्वी, कलेजा, रक्त प्रवाह, पैरों का ऊपरी हिस्सा, पैर के तलवे पर गुरु ग्रह का प्रभाव होता है।

बीमारियां- पीलिया, रक्तदोष, शरीर के किसी हिस्से का बढ़ना या रस निर्माण अधिक होने से कैंसर, मेदावृद्धि, सूजन, बड़े फोड़े, फीलपांव, मस्सा, गांठ बनने की बीमारी गुरु के अधिकार क्षेत्र में आती है।

कारोबार- देवत्व वाले गुण के कारण पुजारी, पुरोहित, भजन करने वाले, ज्ञान से संबंधित कार्य, स्कूल, बच्चों को पालना, चाल-चलन सुधारना, संस्थागत कार्य, घी, दूध, चर्वी, मिठाई, काजू, बादाम, विदेशी कंपनियां, अस्पताल, जेल से जुड़े कारोबार तथा प्रकाशन आदि गुरु के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।

उत्पाद- स्कूल, कालेज, धर्म स्थान, धार्मिक पत्र-पत्रिकाओं का प्रकाशन, तेल, घी, मिठाई, रबर व धातु के गहनों का निर्माण इसके अंतर्गत आता है।

स्थान- स्कूल, कालेज, संस्था, धर्म स्थान, संयंत्र, बड़ी वास्तु रचनाएं, बड़े हाल, घर में पूजा गृह, साधु-संतों की मजार आदि पर गुरु का अधिकार है।

जानवर व पेड़ पौधे- हाथी, घोड़े, भैंस, भैंसा आदि बड़े जानवर, मोर, वटवृक्ष, पीपल, मूंगफली, काजू आदि पर गुरु का अधिकार है।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तयमपुर, गोरखपुर

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  1. Brihaspati Sabke Guru Hain aur Aap Blog Guru Hain....Dhanywad Dwivedi Ji...Man Prasann Ho Jata Hai Aapke Blog par ki rachnayein padhkar....!!!

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    1. जितेन्‍द्र जी इस ब्‍लाग में पोस्टिंग के अलावा मेरा कोई योगदान नहीं है, मैं लोगों की रचनाएं इस ब्‍लाग पर पोस्‍ट करता है, एक डाकिए का काम बस मेरा है, इसलिए गुरु जैसा शब्‍द मुझपर फिट नहीं बैठता, आपको रचनाएं अच्‍छी लगती हैं, इसके लिए वे लेखक धन्‍यवाद के पात्र हैं जो मेरे ब्‍लाग पर लिखते हैं, यह ब्‍लाग सिर्फ एक मंच है, कोई भी लेखकर ब्‍लाग के विषय से संबंधित सामग्री इस पर दे सकता हैा आपको ब्‍लाग पसंद आया इसके लिए आभारी हूंा धन्‍यवाद

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