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सूर्य पूरे सौर मंडल का निर्माता और अपनी आकर्षक शक्ति द्वारा सभी ग्रहों पर काबू करने वाला ग्रहों का राजा है। राजा के सभी गुण सूर्य में देखे गए हैं। सूर्य जीवन प्रदान करने वाला ग्रह है। अत: जीवन के लिए जो जरूरी बातें हैं, उन पर सूर्य का अधिकार होता है। सूर्य गरम प्रकृति वाला ग्रह है किन्तु इस ग्रह की उष्णता मंगल ग्रह की तरह दाहक नहीं बल्कि जीने के लिए जरूरी है। सूर्य के पास सार्वभौमता है, अत: यह शासन तथा अधिकार का कारक ग्रह है। सूर्य ही सौर मंडल की आत्मा है। यदि सूर्य न हो तो पूरी सूर्यमाला ही तहस-नहस हो जाएगी। अत: शरीर में स्थित आत्मा अथवा चेतना शक्ति सूर्य के अधिकार में होती है। प्राचीन विद्वानों के अनुसार शक्ति एवं आत्मा का स्थान हृदय में होता है। इसलिए हृदय भी सूर्य के अधिकार क्षेत्र में आता है। हृदय से जुड़े प्यार, कोमलता, क्षमाशीलता, आत्मतेज, कुछ करने की चाह, अधिकार वृत्ति, नेतृत्व आदि के बारे में भी सूर्य से ही देखा जाता है। सूर्य उत्साह बढ़ाने वाला ग्रह है और प्रत्येक प्रकार की रोग प्रतिकार शक्ति भी सूर्य से देखी जाती है।

शरीर के हिस्से- सूर्य का अधिकार आत्मा, चेतन शक्ति व हृदय पर है। रीढ़ की हड्डी भी सूर्य के अधिकार में है। शरीर में ऊर्जा निर्माण और रोग प्रतिकार शक्ति भी सूर्य के ही अधिकार में है। सूर्य प्रकाश देता है और संसार दिखाता है। अत: दृष्टि व आंखों पर सूर्य का अधिकार है। सूर्य शक्ति निर्माण करने वाला ग्रह है, अत: शरीर में निर्मित होने वाली विद्युत शक्ति पर भी सूर्य का प्रभाव होता है।

गुण- सच्चा प्रेम, अधिकार वृत्ति, नेतृत्व, होनहारी, खुशमिजाजी, क्षमाशीलता, अपनी मर्यादा का पालन, निडर, सत्यवादी प्रकृति, मान-सम्मान, विश्वास, आरोग्यता, ईश्वर भक्ति, न्यायप्रियता, शासन में अच्छी प्रकृति सूर्य का गुण है।

बीमारियां- दिल की बीमारियां, आत्मशक्ति में न्यूनता, चेतना की कमी, गर्मी की बीमारियां, प्रत्येक प्रकार के बुखार, सिर के अंदरूनी हिस्से में चोट-चपेट व रीढ़ की हड्डी की तकलीफ सूर्य से संबंधित है। सूर्य अग्नि का कारक ग्रह है, अत: हाजमे मे तकलीफ, श्वेत मांसपेशियों में दर्द और दृष्टि में दोष सूर्य से जुड़ा है।

कारोबार- सूर्य राजा है अत: सरकारी नौकरी, सरकारी संस्थाएं, रक्षक, सुरक्षा, ऊर्जा निर्माण केन्द्र, नियंत्रण कक्ष सूर्य से जुड़ा है। सूर्य जीवन प्रदाता है इसलिए अनाज के गोदाम, राशन दुकान, धान से जुड़े कारोबार, होटल, कैंटीन सूर्य के अधिकार क्षेत्र में आता है। सूर्य रोग प्रतिकारक शक्ति का कारक है इसलिए प्रत्येक प्रकार के टीके व दवाइयों आदि से जुड़े कारोबार, जेनरेटर, विद्युत निर्माण केन्द्र आदि सूर्य से संचालित होते हैं।

उत्पाद- गेहूं, चावल, ज्वार, बाजार, मक्का और दालें इसके उत्पाद पदार्थ हैं। मिर्च, मसाले, बादाम, काजू, मूंगफली, नारियल, टीके, दवाएं, जीवन के लिए जरूरी रसायन, आक्सीजन, धातुओं, स्वर्ण निर्माण व उससे जुड़े पदार्थ इसके उत्पाद है।

स्थान- रक्षा करने वाले किले, देवाधिदेव शिवजी का मंदिर, सरकारी भवन, दफ्तर, ऊर्जा विद्युत केन्द्र, अस्पताल, दवाखाना, दवा कंपनी व दुकान, शासकों व मंत्रियों के आवास व चिड़ियाघर इसके स्थान हैं।

जानवर व पक्षी- सिंह, घोड़ा, हंस, जंगली जानवर इसके अधिकार के अंतर्गत आते हैं। पेड़-पौधों में औषधि युक्त वृक्ष जिसमें मदार व वटवृक्ष आदि पर इसका अधिकार है।

आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजादनगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

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