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ज्योतिष, मेडिकल तथा रत्नों के विशेषज्ञों, ऋषि-मुनियों ने ग्रहों दोषों के अनेक उपाय बताए हैं, जो अनुभव में ठीक सिद्ध हुए हैं। यदि सूर्य कुप्रभाव दे रहा है तो अपने वजन के बराबर गेहूं कई रविवार को बहती नदी में बहा देना चाहिए अथवा गुड़ बहते पानी में बहा देना हितकर रहता है। सूर्य के कुप्रभाव को दूर करने के लिए बेलपत्र की जड़ गुलाबी धागे में रविवार को धारण करना अतिलाभप्रद रहता है।
1-यदि चंद्र बुरे प्रभाव का हो तो सोमवार को चांदी का दान किया जाय। यदि यह नहीं हो पाता है तो सोमवार के दिन खिरनी की जड़ धारण की जाय।
2-मंगल मंदा हो और अच्छा फल न दे रहा हो तो मीठी रोटियां जानवरों को खिलाई जायं। मंगलवार के दिन मीठा भोजन दान किया जाय अथवा बतासा नदी में बहाया जाय या अनंतमूल की जड़ लाल डोरे में मंगलवार को धारण की जाय।
3-यदि शुक्र अशुभ फल दे रहा हो तो गाय का दान अथवा पशु आहार का दान किया जाय, पशु आहार को नदी में बहाया जाय या सरपोंखा की जड़ सफेद धागे में शुक्रवार को धारण किया जाय।
4-यदि बुध मंदा है तो साबूत मूंग बुधवार को नदी या बहते पानी में बहाई जाय अथवा विधारा की जड़ हरे धागे में बुधवार को धारण किया जाय।
5-यदि बृहस्पति ग्रह कुफल दे रहा है तो गुरुवार को केसर नाभि या जिह्वा पर लगाई जाय अथवा केसर का भोजन में सेवन करें अथवा नारंगी या केले की जड़ पीले धागे में गुरुवार को धारण की जाय।
6-यदि शनि ग्रह बुरा है तो काले उड़द को शनिवार को नदी में बहाया जाय या शनिवार को तेल का दान किया जाय। शनिवार के दिन बिच्छू की जड़ काले धागे में धारण करने से शनिकृत दोष समाप्त होता है।
7-यदि राहु मंदा है और दोषयुक्त है तो बृहस्पतिवार को मूलियों का दान करें अथवा कच्चे कोयले को शनिवार के दिन नदी में प्रवाहित करें या सफेद चंदन नीले डोरे में बुधवार को धारण करें।
8-केतु ग्रह के प्रतिकूल होने पर कुत्ते को रोटी दी जाय अथवा अश्वगन्धा की जड़ आसमानी रंग के धागे में गुरुवार को धारण की जाय।
9-सर्वसमृद्धि के लिए कौवे, गाय, कुत्ते को अपने आहार में से प्रतिदिन हिस्सा दिया जाय। खाना खाने के समय अपने आहार में कुछ भाग इन तीनों को आहार के लिए अवश्य देना चाहिए।
10-विवाह ठीक समय पर हो, रुकावटें न आएं, इसके लिए यदि स्त्री जातक है तो मूंगा धारण करे, पुरुष जातक है तो मोती या चंद्रमणि धारण करे अथवा छुहारे को शुक्रवार की रात में उबालकर रखें और शनिवार को प्रात:काल नदी में बहा दें। इस तरह आठ शनिवार किया जाय।
11-किसी भी प्रकार की परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पन्ना, मूंगा या पुखराज धारण किया जाय।
12-व्यापार में सफलता के लिए लहसनिया, पीला पुखराज या पन्ना धारण किया जाय।
13-नौकरी में तरक्की के लिए पुखराज या पन्ना धारण किया जाय और प्रात: सूर्य को नमस्कार किया जाय।
14-एक्सीडेंट से बचने के लिए मूंगा या मून स्टोन अथवा मूंगा और पुखराज धारण किया जाय।
15-रात्रि को नींद न आती तो बिना जोड़ वाली स्टील की अंगूठी धारण की जाय अथवा चंदमणि धारण करें।
16-ब्लड प्रेसर के लिए पन्ना सोने की अंगूठी में धारण करें या पुखराज पांच रत्ती का सोने की अंगूठी में बीच वाली अंगुली में धारण करें या पुखराज पांच रत्ती का सोने की अंगूठी में तर्जनी में धारण करें।
17-शुगर के लिए हीरा एक रत्ती सोने में बीच वाली अंगुली में अथवा सात रत्ती सफेद मूंगा और पीला पुखराज 5 रत्ती बीच वाली अंगुली में धारण करें।
18-दमा के लिए मूंगा छह रत्ती और मून स्टोन पांच रत्ती बीच वाली अंगुली में धारण करें तथा पीला पुखराज चार रत्ती तर्जनी में धारण करें। यह दाहिने हाथ में ही पहना जाय।
19-सिरदर्द के लिए छह रत्ती पन्ना सोने में दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें।
20-दांत में दर्द या वदन दर्द के लिए स्टील की अंगूठी दाहिने हाथ की तर्जनी में धारण करें।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

keyword: jyotish

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  1. द्विवेदी जी को प्रणाम।

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    1. प्रणाम भाईसाहब

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  2. Achhi Jankari Ke Liye Dhanyawaad Dwivedi Ji...!!!

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