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कार्यक्रम का उदघाटन करती दादी रतनमोहिनी व अन्‍य
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ब्रह्माकुमारी के ज्ञान सरोवर परिसर में मीडिया प्रभाग द्वारा ‘समाज में शांति एवं अहिंसा की पुनर्स्थापना में मीडिया की भूमिका’ विषय पर आयोजित चार दिवसीय मीडिया सम्मेलन के उदघाटन सत्र को सम्बोधित करते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ.मानसिंह परमार ने कहा कि समाज में शांति और अहिंसा के अभाव के कारण सर्वमुखी विकास अवरुद्ध हो रहा है। महात्मा गांधी की आत्मा पुकार रही है कि इस वातावरण में आमूलचूल परिवर्तन के लिए अहिंसा को मूल मंत्र बनाया जाए।
भारत के वििभन्न प्रांतों , नेपाल व वर्मा से आए पांच सौ के लगभग मीडियाकर्मियों की उपस्थिति वाले हॉरमनी हॉल में सारगर्िभत भाषण के दौरान डॉ.परमार ने कहा कि कार्यपालिका पर से लोगों का विश्वास घटता जा रहा है और कार्यपालिका न्यायपालिका की आस्था कम करने पर तुली हुई है। ऐसे समय में करोड़ों लोग मीडिया की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। इसलिए हमें अपनी ताकत को समझना होगा और निष्पक्ष होकर सत्य को समाज के सामने रखना होगा। मीडिया की विश्वसनीयता को कायम रखना आज के समय में बहुत बड़ी चुनौती है। समाज के सर्वांगीण विकास में मीडिया अपनी अहम भूमिका अदा कर लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की तरह पांचवें वेद की संज्ञा भी पा सकता है। सत्यम शिवम सुंदरम की ध्वनि ही पत्रकारिता की शंखध्वनि है। प्रेस परिषद का नियंत्रण इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर भी होना चाहिए ताकि उपभोक्तावाद व अपराध के प्रसार पर अंकुश का दायरा बढ़ाया जा सके।
संस्था की अतिरिक्त मुख्य प्रशासिका दादी रतनमोहिनी ने कहा कि आज मीडिया भी मानता है कि जो अच्छी बातें हैं वह लोगों की जानकारी में लाई जानी चाहिए। अतीत में सोने की चिड़िया कहलाने वाला भारत परमात्मा की अवतरण भूमि है। गीता में भी भगवान ने कहा है कि जब-जब धर्म की ग्लानि होती है तब मैं इस सृष्टि पर अवतरित होकर सतधर्म की स्थापना करता हूं। जब तक हमारे जीवन में सत्यता नहीं होगी तब तक मूल्यों का विकास नहीं होगा। पापाचार, दुराचार व भ्रष्टाचार की आंधी को थामने के लिए मीडिया को सकारात्मक प्रयासों के सहारे आगे आना होगा।
मीडिया प्रभाग के अध्यक्ष बी.के.ओमप्रकाश ने कहा कि मीडिया सामाजिक क्रांति का एक सशक्त माध्यम है और उससे समाज को बहुत अपेक्षाएं हैं। वर्तमान परिवेश में मीडिया की भूमिका बढ़ जाती है। आज मीडिया चाहे तो पूरी दुनिया को स्वर्ग बना सकता है। फिर से समाज में अहिंसा और शांति की स्थापना के लिए मानवीय वृत्तियों में परिवर्तन लाने का दायित्व मीडिया को निभाना होगा।
मल्टी मीडिया के निदेशक बी.के.करुणा भाई ने कहा कि अगले वर्ष में होने वाले आम चुनाव के कारण सारे विश्व की निगाहें भारत पर टिकी हुई हैं। वर्तमान परिदृश्य में परिवर्तन लाने के लिए जरूरी है कि मीडिया स्वच्छ छवि वाले जन प्रतिनिधियों को चुनने के लिए देशवासियों को प्रेरित करे। इस तरह हम स्वर्णिम युग की पुनर्स्थापना में सहभागी बन पायेंगे।
विजन वर्ल्ड न्यूज, इंदौर के संपादक आशीष गुप्ता ने कहा कि किसी भी अंदोलन में संलिप्त होने के बजाय मीडिया को केवल सत्य - पाठकों, श्रोताओं व दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि अन्ना हजारे के आंदोलन में मीडिया ने एक पक्षीय भूमिका निभायी और जब आंदोलन पिट गया तो नकारात्मक रुख अपना लिया। प्रतिस्पर्धा के दौर में मीडिया पर बाजारवाद हावी होता जा रहा है। जिसके कारण वह अपनी कलम का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता है। आज बत्तीस पृष्ठों का अखबार भी हमें उतना प्रभावित नहीं कर पाता है जबकि आजादी के दौर में चार पेज का मूल्यनिष्ठ ब्लैक एण्ड व्हाइट समाचारपत्र देश के जनमानस को झकझोर देता था।
राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर में पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डॉ.संजीव भानावत ने कहा कि मीडिया की शक्ति को संचार माध्यम के द्वारा अिभयान का रूप देना होगा। दुर्भाग्य है कि मीडिया पाठयक्रम की शुरुआत नकारात्मक रिपोर्टिंग के प्रशिक्षण से होती है। जब तक संपादकीय मूल्य परिवर्तित नहीं होंगे तब तक मीडिया की वर्तमान भूमिका में बदलाव नहीं आ सकता। संस्कार निर्माण के लिए मीडिया को आगे आना होगा।
कटक से प्रकाशित दैनिक समाज के संपादक गोपाल कृष्ण महापात्रे ने कहा कि व्यवसायिकता और नैतिक दायित्वों के निर्वहन में सामंजस्य बैठाना होगा। मीडिया में चल रही गलाकाट प्रतिस्पर्धा से समाज का अहित हो रहा है।
वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्र.कु.शीलू, मीडिया प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बी.के.शांतनु आदि ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए। शिवम नृत्य कला केंद्र, इंदौर की कन्याओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत करके एवं आस्ट्रेलिया के डेविड भाई ने बांसुरी वादन से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित करके सभा का विधिवत उद्घाटन किया। अध्क्षीय सम्बोधन बी.के.सुंदरी बहन ने दिया।

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