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मंगल चौथे और आठवें घर में अरिष्ट फल देता है। जातक रक्त की कमी के कारण बीमारी से घिर जाता है। जातक की आंखें खराब हो जाती हैं। संतान सुख नहीं मिलता है। आठवें घर का मंगल ज्यादा अशुभ फल देता है, अन्य घरों में शुभ फल देता है। कुण्डली में कहीं भी अकेला मंगल कमजोर होता है।
उपाय: मंगलवार को हनुमानजी का व्रत रखें तथा चूरमे का लड्डू वितरण करें। व्रत रखकर हनुमान चालीसा का 108 बार पाठ करें। प्रतिदिन पिता एवं बड़ों का चरण स्पर्श करें। संध्या समय गायत्री मंत्र का जप करें। आंखों सुरमा लगाएं और भूमि पर शयन करें। मंगली दोष दूर करने के लिए जातक को प्रात:काल उठते ही नित्य कुंए के जल से दातून करना चाहिए और तंदूर में लगी हुई मीठी रोटी का दान करना चाहिए। रेवड़ी व बतासे तेज बहते पानी में प्रवाहित करें। सात मंगलवार तक सवा पाव मसूर की दाल का दान करें। मंगलवार को सिंदूरी रंग का कपड़ा पूजा करके पीपल वृक्ष पर लपेटें।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र

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