0
जन्म कुण्डली में राहु 3, 4 व 6ठें घर में शुभ रहता है। राहु केतु पर भी अपना बुरा प्रभाव डालता है। कुण्डली के शेष घरों में अशुभ प्रभाव देता है। राहु के अशुभ होने पर घर में चोरी हो सकती है, मकान गिर सकता है, सिर के बाल उड़ सकते हैं। झूठे आरोप लगते हैं। कारोबार बंद हो जाता है। शत्रु नुकसान करते हैं।
उपाय: एकादशी का व्रत रखें। तुलसी एवं पीपल वृक्ष में दूध चढ़ाएं। चावल व जौ का दान करें और कन्याओं को खीर खिलाएं। लक्ष्मीजी का पूजन करें और सूखे मेवों का भोग लगाएं। किसी कन्या के विवाह में पांच बर्तन दान करें। चांदी की अंगूठी अथवा लॉकेट धारण करें। कोयला बहते हुए जल में डालने से राहु का कुप्रभाव कम हो जाता है। लाल रंग की मसूर की दाल या कुछ सिक्के प्रात:काल जल्दी उठकर मेहतर आदि को देना चाहिए। जौ को तकिए के नीचे रखकर सोना चाहिए तथा प्रात:काल उठकर उसे पक्षियों को खिलाना चाहिए। नदी की तेज धारा में नारियल प्रवाहित करें। प्रतिमाह एक नारियल का गोला लें, उसमें चीनी और घी भरकर पीपल की जड़ के पास रख दें। जौ को गोमूत्र में धोकर उसे बंद डिब्बे में अपने पास रखें। शूद्र या चांडाल प्रकृति के व्यक्ति को सरसो का तेल दान करें। खोटा सिक्का नदी के जल में बहाएं।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

keyword: lal kitab

नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गुगल सर्च से ली गई है, यदि किसी फोटो पर किसी को आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगीा

Post a Comment

gajadhardwivedi@gmail.com

 
Top