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पुत्र व पुत्री दोनों समान हैं। फिर भी गुरु ग्रह के कमजोर होने से जब कन्या संतानें ज्यादा पैदा होती हैं तो पुत्र की कमी खलती है। कन्या संतानें ज्यादा हैं और एक भी पुत्र नहीं है तो घर की बगिया कुछ अधूरी है। इसलिए बहनों को एक भाई देने के लिए गुरु ग्रह को मजबूत करना होगा। इसके लिए गुरुवार के दिन पीले फल और चने के बेसन का लड्डू दान किया जाता है। साथ ही संतान गोपाल मंत्र का अनुष्ठान किया जाता है।

कैसे करें अनुष्ठान

भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित कर नियमित रूप से धूप-दीप जलाकर संकल्प पूर्वक प्रतिदिन एक या तीन माला का जप करना चाहिए। सवा लाख संख्या में जप करना शुभ व कल्याणकारक होता है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी या किसी भी शुभ मुहूर्त में जप की शुरुआत करनी चाहिए।

जप मंत्र

देवकी सुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामंह शरणं गत:।
साथ ही संतान गोपाल स्त्रोत का यथा संभव पाठ करना चाहिए। मंत्र, स्त्रोत जप और पाठ के बाद दशांश हवन, तर्पण, मार्जन कर ब्राह्म्णों को खीर-पूड़ी खिलाकर, दक्षिण देकर उनका आशीर्वाद ग्रहण करना चाहिए।

आचार्य शरद चंद्र मिश्र

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