0
सूर्य अंक- सूर्य अंक 1 का प्रतिनिधित्व करता है। इनके प्रभाव में पैदा हुआ जातक कुलीन, रईस, ख्यातिप्राप्त अधिकारी, डाक्टर आदि बनता है। यदि मूलांक सूर्य का हो और भाग्यांक शनि अथवा शुक्र का हो तो लोग दुर्घटना के शिकार होते हैं।
चंद्र अंक- चंद्रमा अंक 2 का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे लोग शांत, विनम्र, विचारशील, गुणी और विलक्षण होते हैं। इनमें शरीर की अपेक्षा मानसिक बल अधिक होता है। इन्हें क्रोध जल्दी आता है और कभी-कभी आवश्यकता से अधिक कठोर बन जाते हैं।
गुरु अंक- गुरु अंक 3 का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनके शुभ प्रभाव में होने पर जातक नीतिज्ञ, क्षमाशील, सुखी, व्यवहारकुशल, प्रसन्नचित्त, लेखक, अध्यापक, वकील, साहित्यकार, ज्योतिषी, संपादक, सलाहकार, मंत्री आदि बनते हैं। अशुभ प्रभाव होने पर नाक, कान, गले की बीमारी, सूजन, चर्बी जनित रोग और मोटापे की शिकायत होती है।
राहु अंक- अंक 4 का प्रतिनिधित्व राहु करते हैं। ऐसे अंक के शुभ प्रभाव में जातकों का भाग्योदय अचानक होता है। अशुभ प्रभाव होने पर अथक परिश्रम करने पर भी सफलता नहीं मिलती है।
बुध अंक- बुध अंक 5 का प्रतिनिधित्व करते हैं। बुध के शुभ प्रभाव में होने पर जातक कूटनीतिज्ञ, वकील, उच्च स्तरीय लेखक, प्रतिभाशाली, बुद्धिजीवी, गणितज्ञ, ज्योतिषी व व्यापारी आदि होता है। इनका अशुभ प्रभाव स्नायु, श्वांस, वाणी दोष, सिरदर्द, दमा, तपेदिक आदि रोगों का कारण बनता है।
शुक्र अंक- अंक 6 का प्रतिनिधित्व शुक्र करते हैं। बलवान शुक्र वाला जातक धनी, व्यापारी, रूपपान, जौहरी, कलाकार, तांत्रिक व ज्योतिषी बनता है। सांसारिक सुखों का कारक शुक्र को माना जाता है। शुक्र के अशुभ होने पर जातक मधुमेह व गुप्त रोग आदि से ग्रस्त हो जाता है। उसका विवाह-विच्छेद भी संभव है।
केतु अंक- केतु को अंक 7 का प्रतिनिधि माना जाता है। इस अंक के शुभ प्रभाव में जातक अपनी कल्पना एवं विचारशक्ति से मुश्किल से मुश्किल कार्य भी कर लेता है। लेकिन ऐसे जातक धन संग्रह बहुत कठिनाई से कर पाते हैं।
शनि अंक- शनि को अंक 8 का प्रतिनिधि माना गया है। इससे रोग, शत्रु, जीवन, आयु, मृत्यु अथवा विनाश के कारणों, दु:खों एवं अभावों का विचार किया जाता है। शनि के शुभ स्थिति में होने पर जातक की आयु लंबी और इच्छा शक्ति मजबूत होती है। वह ऐश्वर्यवान तथा ख्यातिलब्ध होता है और उसका जीवन स्थिर होता है।
मंगल अंक- मंगल को अंक 9 का प्रतिनिधि माना गया है। ऐसे अंक के शुभ प्रभाव वाले जातक जमीन-जायदाद वाले, भाइयों का सुख पाने वाले, नेतृत्व करने के अभिलाषी, सेना, पुलिस से संबंधित, इंजीनियर, डाक्टर एवं ख्यातिप्राप्त खेलों से संबंधित होते हैं। अशुभ प्रभाव में होने पर जातक कुकर्मी, अपराधी व धोखा देने वाला होता है।
आचार्य शरदचंद्र मिश्र

Keywords: jyotish, ank jyotish

नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।

Post a Comment

gajadhardwivedi@gmail.com

 
Top