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गंगा जमुना महाविद्यालय रायगंज बेलवार, खोराबार शनिवार को ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बना। ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव के प्रयास से आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 62 जोड़ों ने जीवन की नई पारी शुरू की। 51 जोड़ों का विवाह ङ्क्षहदू रीति-रिवाज के अनुसार हुआ तथा 11 जोड़ों का निकाह पढ़ा गया। माहौल में गंगा-जमुनी तहजीब तैर रही थी। वातावरण उत्सव व उल्लास से भरपूर था। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के रूप में दुग्ध विकास मंत्री राममूर्ति वर्मा व परिवहन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव भी शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना की।
जिन बेटियों के हाथ पीले हुए उनके मां-बाप के जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ। मांग में लाल सिन्दूर शोभा पाने लगा तो माथे पर बिंदिया इठलाने लगी। कलाइयों में चूडिय़ां खनकीं और पैरों में नूपुर की झंकार स्वागत करने लगी। पंडाल में शांतिकुंज हरिद्वार से आए पुरोहित अच्युतानंद तिवारी व उनके 20 सहयोगियों द्वारा किए जा रहे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 51 जोड़ों ने 24 वेदियों पर सात फेरे लिए और सात जन्म तक साथ निभाने का वादा किया। उपस्थित हजारों लोगों ने वर-वधू पर अपना आशीर्वाद लुटाया। वहीं महाविद्यालय के एक बड़े कमरे में 11 मुस्लिम जोड़ों का निकाह मौलाना रियाजुद्दीन ने पढ़ाया। जोड़ों ने 'कुबुल हैÓ कहकर अपनी सहमति दी और एक-दूजे के हो गए। आयोजकों ने बेटियों को गृहस्थी पूरा सामान देकर उन्हें अपनी बेटी की तरह विदा किया।
महाविद्यालय परिसर विवाह समारोह में तब्दील हो चुका था। बैंड बाजे बज रहे थे। शहनाइयां गूंज रही थीं। महिलाएं मंगलगीत गा रही थीं। पूरा माहौल उत्सव व उल्लास से लबरेज था। घराती-बराती के अलावा बड़ी संख्या में महानगरवासी वर-वधू को अपना आशीर्वाद देने पहुंचे थे। सबके लिए नाश्ते व भोजन की व्यवस्था थी।
कार्यक्रम में महापौर डा. सत्या पांडेय, डा. रमापति राम त्रिपाठी, जिलाधिकारी रंजन कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कुमार प्रशांत, नगर मजिस्ट्रेट सतीश पाल, डीआरएम रेलवे जयचंद शाही, मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. केपी कुशवाहा, एआरटीओ राकेश सिंह, सीएमओ एमपी सिंह, एसपी ग्रामीण बृजेश सिंह, नगर आयुक्त राजेश त्यागी सहित बड़ी संख्या में अधिकारियों व गण्यमान्य नागरिकों ने पहुंचकर वर-वधू को आशीर्वाद दिया।
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मालिनी के गीतों पर झूमे दर्शक
लोक गायिका मालिनी अवस्थी के गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। कुछ विलंब से कार्यक्रम स्थल पर पहुंची मालिनी ने सबसे पहले वर-वधू को आशीर्वाद दिया और उनके मंगलमय जीवन की कामना की। इसके बाद उन्होंने कई गीत प्रस्तुत कर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके गीतों से माटी की गंध उड़ रही थी। ङ्क्षहदी गीतों के साथ ही उन्होंने भोजपुरी व परंपरागत लोकगीतों को अपनी आवाज देकर इस माटी का सम्मान किया।
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विदाई में दिए गए सामान
दो सेट जेवर, एक साइकिल, कलाई घड़ी, बेड, गद्दा, बेडशीट, रजाई, कुकर, डिनर सेट, पचास किलो आटा, 25 किलो चावल, 10 किलो दाल, नमक, माचिस, मशाला इत्यादि।
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कहां-कहां से आए जोड़े
विवाह समारोह में सलेमपुर, सहजनवां, कुशीनगर, बरेली, बहराइच से एक-एक जोड़े व शेष सभी बेलवार के आसपास गांवों के थे।
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यह थी व्यवस्था
पचास हजार लोगों के बैठने, खाने व पानी की व्यवस्था की गई थी। पानी का एक लाख पाउच, दो हजार बोतल, 10 टैंकर। नब्बे हजार स्क्वायर फीट का पंडाल था। एक हजार कार्यकर्ता सहयोग में लगे थे।
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मजदूरों के जीवन से मिली प्रेरणा
आयोजक गोरखपुर ग्रामीण विधायक विजय बहादुर यादव ने कहा कि मुझे ईंट-भट्टे पर काम करने वाले मजदूरों के जीवन से प्रेरणा मिली। सीजन समाप्त होने के बाद उनको खाने के लाले पड़ जाते थे। गर्मी हो या ठंडी दिन भर मेहनत करने के बाद भी उनका जीवन किसी तरह कटता था। जो दो वक्त की रोटी नहीं जुटा सकता, वह बेटियों की शादी कैसे करेगा। यही सोचकर मेरा यह अभियान शुरू हुआ। यह सातवां सामूहिक विवाह समारोह है। साढ़े तीन सौ से ज्यादा कन्याओं का विवाह इस अभियान के तहत हो चुका है।

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