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 गोरखपुर। नार्मल स्थित हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां का सालाना उर्स-ए-पाक 12 , 13, 14 अगस्त को अदबो एहतराम व अकीदत के साथ मनाया जायेगा। उर्स-ए-पाक में पूर्वांचल व दूर दराज के जिलों से बड़ी संख्या में मजार शरीफ का दर्शन करने आते है।
यह जानकारी अराकीन कमेटी आस्तानए आलिया हजरत बाबा मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां , वक्फ नम्बर 151 के अध्यक्ष इकरार अहमद ने दी। उन्होंने बताया कि तैयारियां जोर शोर से चल रही है। 12 अगस्त बरोज बुध बाद नमाज एशा को रात्रि की नमाज के बाद जलसा-ए-ईदमिलादुन्नबी का प्रोग्राम रखा गया है। उन्होंने बताया कि जलसा-ए-पाक में मुल्क के बड़े-बड़े उलमा व शायर शिरकत करेंगे। खास तौर पर हजरत अल्लामा मुफ्ती अख्तर हुसैन जम्दा शाही, हजरत अल्लामा मौलाना कारी रूहुल अमीन जबलपुर, शायरे इस्लाम मुजफ्फर रजा कलकत्ता, लियाकत मेंहदी झारखण्ड व दीगर मुकामी उलमा व शायर की शिरकत होगी।  जलसा-ए-ईदमिलादुन्नबी के बाद भोर में 3 बजे गुस्ल व संदल पोशी की रस्त अदा की जायेगी। उन्होंने बताया कि 13 अगस्त को बरोज जुमेरात बाद नमाज फज्र कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे कुल शरीफ होगा। शाम  को सरकारी चादर व गागर का शानदार जुलूस तुर्कमानपुर से निकलेगा। जो तुर्कमानुपर, हाल्सीगंज, मिर्जापुर, साहबगंज, खुनीपुर, नखास चैक, रेती चैक, घण्टाघर, पाण्डेयहाता, नार्मल स्कूल होते हुए आस्ताना आलियां पर पहुंचेगी।  रात्रि की नमाज के बाद कव्वाली का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा।  14 अगस्त बरोज जुमा प्रातः 10 बजे दिन में आखिरी कुल शरीफ होगा बाद  नमाज जुमा लंगर (प्रसाद) वितरण का कार्यक्रम होगा। बाद नमाज एशा कव्वाली चिश्ती मुराद आतिश, कर्नाटक व सलीम जावेद बंगलौर पेश करेंगे। इकरार अहमद ने बताया कि उर्स-ए-पाक हिन्दू-मुस्लिम एकता का अनोखा संगम है। इसमें शिरकत कर भाईचारे को पुख्ता बनाए और बाबा के फैज से फैजयाब हो। 



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