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गीताप्रेस कर्मचारियों व प्रबंधन के बीच समझौता वार्ता में लगभग डेढ़ माह से चल रही हड़ताल सोमवार को देर रात खत्म हो गई। गत आठ अगस्त से वेतन वृद्धि व 12 कर्मचारियों के निलंबन वापसी को लेकर गीताप्रेस कर्मचारी हड़ताल पर थे। प्रबंधन ने उनकी दोनों शर्तें मान दी। उन्हें वेतन वृद्धि दी जाएगी और बिना शर्त उनका निलंबन वापस ले लिया जाएगा। वेतन वृद्धि का समय बाद में तय किया जाएगा।
प्रबंधन ने गत दिसंबर में हुए समझौते के तहत कर्मचारियों को गत जुलाई माह से वेतन वृद्धि दे रहा था जो 7 अगस्त को कर्मचारियों को बैंक खाते में जाता, लेकिन एक शर्त रख दी कि आगामी पांच वर्षों तक वेतन वृद्धि की मांग नहीं करेंगे और पुराने सभी मुकदमे वापस ले लेंगे। इस बात पर कर्मचारी आक्रोशित हो गए थे और गीताप्रेस परिसर में नारेबाजी की थी। दूसरे दिन 8 अगस्त को प्रबंधन ने सहायक प्रबंधक के साथ अभद्रता का आरोप लगाकर 12 स्थायी कर्मचारियों को निलंबित व पांच ठेका कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया था। इसी दिन से सभी कर्मचारी वेतन वृद्धि व कर्मचारियों की वापसी को लेकर हड़ताल पर थे। हड़ताल के चलते पिछले 8 अगस्त से गीताप्रेस का कामकाज पूरी तरह ठप था। न तो पुस्तकों की छपाई हो पा रही थी और न ही पुस्तकें यहां से डिस्पैच हो पा रही थीं। सोमवार को गीताप्रेस में हुई कर्मचारियों व प्रबंधन की समझौता वार्ता में आपसी सहमति बन गई। निकाले गए पांच ठेका कर्मचारियों को वापस लेने से प्रबंधन ने साफ मना कर दिया है।

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