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शरद पूर्णिमा सोमवार 26 अक्‍टूबर 2015 को है। इस दिन सूर्योदय 6.23 बजे और चतुर्दशी तिथि रात 8.13 बजे तक है। इसके बाद रात में पूर्णिमा लग रही है। इस दिन रात्रि में लक्ष्मी, इंद्र, कुबेर आदि की पूजा की जाती है। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इसी रात को महारास रचाने के नाते इसे रास पूर्णिमा भी कहते हैं। ज्योतिषाचार्य पं. शरदचंद्र मिश्र के अनुसार इस पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से उदित होकर अपनी किरणों से अमृत की वर्षा करते हैं। इस रात को घी व दूध से खीर बनाकर विभिन्न पात्रों में भरकर चंद्रमा की चांदनी में रखा जाता है। रात्रि के तीन घंटे बीतने के बाद सारी खीर लक्ष्मीजी को अर्पित की जाती है। माना जाता है कि चंद्रमा द्वारा अमृत वर्षा करने से वह खीर अमृतमयी हो जाती है। इसके सेवन से दीर्घायु व आरोग्यता प्राप्त होती है।

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