0
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन नरक चतुर्दशी, छोटी दीपावली, रूप चतुर्दशी व हनुमान जयंती मनाई जाती है। नरक चतुर्दशी 10 नवंबर 2015 को है। इस दिन सूर्योदय 6.33 बजे व चतुर्दशी तिथि सायंकाल 8.43 बजे तक है।
सद्मार्ग पर चलने का प्रण लेना- नरक की यातना व दंड से बचने के लिए प्रत्येक सनातन धर्मी को इस दिन मोक्ष की इच्छा से सद्मार्ग पर चलने का व्रत लेना चाहिए। दीपावली तक बीते वर्ष में किए गए गलत कृत्यों, व्यवहार एवं पापों का आंकलन करते हुए पश्चाताप कर भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा याचना करनी चाहिए। सायंकाल संपूर्ण घर, बालकनी, चहारदीवारी, मुंडेर सहित मंदिर में दीप दान करना चाहिए।
रूप चतुर्दशी- इस दिन को रूप निखारने के पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। प्रात: काल स्नान का विशेष महत्व होता है। सूर्योदय से पूर्व स्नान करें, इससे शरीर में दिव्य शक्ति का संचार होता है और कई प्रकार के रोगों से छुटकारा प्राप्त होता है। स्नान से पूर्व वरुण देवता का स्मरण करते हुए जल में हल्दी व कुंकुम डालकर स्नान करें। मान्यता यह है कि इस दिन स्नान से शुद्ध होकर भगवान श्रीकृष्ण का पूजन करने से पापों का क्षय होता है और रूप में निखार आता है।
छोटी दीपावली- इस दिन को छोटी दीपावली भी कहते हैं। इसी दिन श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। साथ ही वामनावतार में भगवान श्रीहरि विष्णु द्वारा राजा बलि को दिए गए वरदान के अनुरूप इस पर्व पर सायंकाल सूर्यास्त के पश्चात दीपदान करने से लक्ष्मी का घर में स्थायी निवास होता है।
हनुमान जयंती- हनुमानजी का जन्म कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी मंगलवार स्वाती नक्षत्र व मेष लग्न में हुआ था। इस वर्ष ये सारे संयोग एक साथ प्राप्त हो रहे हैं। इसलिए यह हनुमानजी की उपासना का महत्वपूर्ण दिन है।
-आचार्य शरदचंद मिश्र, 430 बी आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

Keywords: diwali, dipawali

 नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।

Post a Comment

gajadhardwivedi@gmail.com

 
Top