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इस्लामिक माह रमजान अगले सप्ताह सोमवार या मंगलवार से शुरू होगा। पिछली बार की तरह इस बार भी रोजा लगभग साढ़े पन्द्रह घंटे का होगा। पहला चार रोजा छोटा होगा। इसके बाद इफ्तार में एक-दो मिनट का इजाफा 16वें रोजे तक जारी रहेगा। इसके बाद 17वें रोजे से सहरी में एक मिनट बढ़ेगा तो वहीं इफ्तार का वक्त शाम 7 बजे तक पहुंच जायेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के मुताबिक जून माह में मौसम कई बार तब्दील होगा। जिससे रोजेदारों को राहत मिलने की उम्मीद भी है।
पहले रोजे में सुबह 3.23 सहरी और शाम 6.55 बजे इफ्तार किया जायेगा। पहला रोजा 15 घंटे 35 मिनट का होगा। इसका सिलसिला चार रोजे तक कायम रहेगा। इसके बाद सहरी में तो कोई परिवर्तन नहीं होगा। लेकिन इफ्तार के वक्त में एक मिनट की वृद्धि अगले दो दिन तक कायम रहेगी। 7वें रोजे से लगातार तीन दिन इफ्तार में लगातार चार दिन 2 मिनट बढ़ेगा। यानी जैसे-जैसे रमजान की तारीख बढ़ेगी रोजा बड़ा होता चला जायेगा आखिरी रोजे में सुबह 3.28 बजे सहरी और शाम 7.01 बजे इफ्तार होगा। कुल मिलाकर सहरी में तीस दिन के अंदर चार बार परिवर्तन होगा। वहीं इफ्तार में सात बार परिवर्तन होगा।
रमजान टाइमिंग कार्ड व कलैंडर बड़े काम के
समय से सेहरी व रोजा खोलने के लिए मदरसा, प्राइवेट संस्थाएं व आमजन रमजान टाइमिंग कार्ड व कैलेंडर छपवा कर निशुल्क वितरित किया जा रहा है। मदरसा जहां इन कार्डों व कैलेंडरों को अपने दीनी फराइज के मद्देनजर वितरित करता है वहीं प्राइवेट संस्थाएं अपनी संस्था के प्रचार के लिए इन कार्डों इस्तेमाल करती है। आमजन अपने बुजुर्गों के इसाले सवाब के लिए छपवाकर निःशुल्क बांटवाते है। इन कार्डों में सेहरी व रोजा खोलने के वक्त के साथ-साथ सेहरी व रोजे की दुआएं भी दर्ज होती है। जहां अजान या ऐलान नहीं पहुंच पाता या फिर आदमी सफर में रहता हैं यह कार्ड बेहद महत्वपूर्ण साबित होता है। इन्हीं के जरिए आवाम सहरी खाना बंद व रोजा खोलना शुरू करती है। कार्डों का मकसद केवल इतना है कि लोग समय से सहरी व रोजा खोला जायें। कार्डों पर सहरी व इफ्तार की दुआएं लिखी रहती है। दिन तारीख भी दर्ज रहता है।
- फरहान अहमद

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