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मेष राशि
मेष राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव वर्षारम्भ से 25 जनवरी तक पुनः 21 जून से 25 अक्टूबर तक रहेगा। स्वास्थ्य सम्बन्धी कष्ट, घरेलू दौड़-धूप व खर्च अधिक रहेंगे। इस अवधि में वृथा दौड़-और व्यावसायिक उलझन बढ़ेगी तथा एक मार्च से 12 अप्रैल तक मंगल स्वराशिगत रहने से उत्साह एवं उमंग में वृद्धि होगी। ता. 26 मई से 20 जून तक शनि मंगल के मध्य समसप्तक योग होने से इस समयावधि में क्रोध/उत्तेजना से बचें, वाहन भी सावधानीपूर्वक चलावें। चोट इत्यादि से बचाव करें।
व्यवसाय- व्यवसाय में सफलता प्राप्ति के लिए आजीविका कार्यों में समझ-बूझ से काम लेना होगा। अचानक अनेक बाधाएं आकर हताश कर सकती हैं। नौकरी में बदलाव और निष्कासन भी संभावित है। व्यवसायिक क्षेत्र में अनुभव काम आयेगा। गुप्त विद्याओं को सीखने में रुचि बढ़ेगी।
स्वास्थ्य - सन् 2017 मेष राशिवालों के स्वास्थ्य के लिए अनुकूल रहेगा। मुखरोग, नेत्र विकार इत्यादि से सामान्य कष्ट सम्भावित है। सिर दर्द जैसे रोगों से परेशान हो सकते हैं। वर्ष 2018 का आगमन आत्मविश्वास और इच्छा शक्ति में वृद्धि करेगा। यह कामयाबी प्राप्त करने में सहायक होगा।
सामाजिक स्थिति- परिवार के शुभ कार्य बाधित होने के बाद सम्प न्न होंगे। शुभ कार्य पर ज्यादा व्यय होगा। माता का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। सन् 2017 के अन्त में जीवनसाथी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। सन् 2017 का आगमन परिवार के मतभेदों को दूर करने के लिए अनुकूल रहेगा।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- किसी व्यापार या व्यवसाय को शुरू करने में धन खर्च हो सकता है परन्तु अपनी आमदनी को बनाये रखेंगे। पूंजी निवेश का योग मिलेगा। सन् 2017 आर्थिक मामलों के लिए अनुकूल रहेगा।
प्रतियोगी परीक्षा- प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलताओं के लिए ज्यादा लगन और मेहनत करनी पड़ेगी। सन् 2017 में नव वर्ष आगमन में मंगल का गोचर सफलता दिलायेगा। सामान्य प्रयास करने पर भी उत्तम सफलता प्राप्त हो सकती है।
यात्रा की स्थिति- मेष राशि वालों को लम्बी दूरी की यात्रा का योग मिलेगा और आनन्द प्राप्त करेंगे। यदि वयस्क हैं तो तीर्थ यात्रा का योग मिलेगा। कार्य क्षेत्र में परिवर्तन का योग मिलेगा।
सारांश- सन् 2017 सामान्य रूप में फलदायक रहेगा। 26 जनवरी के बाद शनि भाग्य स्थान पर रहेगा और यह अत्यधिक उद्वेग और मानसिक तनाव देगा। शत्रुओं से सावधान रहें। मित्रों से अनुकूल सहयोग मिलेगा। दाम्पत्य गुण अच्छा रहेगा। व्यापार में प्रगति भी प्राप्त होगा।
क्या करें- शनिवार के दिन गरीबों को भोजन करायें या भोजन का पैकेट दान करें, अत्यन्त वृद्ध व्यक्ति की सहायता करें और भैरव जी की उपासना करें।
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वृष राशि
वृष राषि पर शनि की दृष्टि वर्ष के आरम्भ से 25 जनवरी तक
पुनः 21 जून से 25 अक्टूबर तक तथा शनि की ढैया का प्रभाव 26 जनवरी से
20 जून तक पुनः 26 अक्टूबर से वर्ष के अन्त तक रहेगा। फलस्वरूप संघर्षमयी
परिस्थितियों के वर्ष गुजारे लायक आय तथा लाभ प्राप्ति के अवसर बनेंगे।
वर्ष के आरम्भ से 11 सितम्बर तक गुरु की शत्रु दृष्टि भी रहेगी। परन्तु इन सब विपरीत परिस्थितियों के बावजूद 27 जनवरी से 30 मई तक राशि स्वामी शुक्र उच्चस्थ लाभ स्थान में होने से अकस्मात धन-लाभ एवं भाग्योन्नति के अनेक अवसर भी प्राप्त होंगे।
व्यवसाय की स्थिति- व्यवसाय में व्यय बढ़ सकता है और व्यय पर नियन्त्रण रखने में ज्यादा समय लगेगा। पदोन्नति में उच्चाधिकारियों की ओर से बाधाएं आ सकती हैं। ऋण भुगतान के अवसर मिलेंगे। आजीविका में सफलता के लिए आलस्य से बचें।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य सुख सामान्य बनने के योग बन रहे हैं। उदर विकार से ग्रसित हो सकते हैं। भोजन में स्वच्छता पर ध्यान रखें। वात रोग की भी सम्भावना बन रही है। मंगल और शनि ग्रह गुह्यांगों को भी प्रभावित कर सकते हैं।
सामाजिक स्थिति- सन्तान से मतैक्य का अभाव मिल सकता है। परिवार से सम्बन्धित बनते कार्यों में बाधाएं आने की सम्भावनाएं बन रही हैं। घरेलू समस्याओं से तनाव प्राप्त हो सकता है। पिता के साथ तालमेल का अभाव मिल सकता है। मित्रों से सहयोग अपेक्षित नहीं रहेगा। पत्नी से सहयोग और सकून प्राप्त होगा।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- सन् 2017 वृष राशिवालों के लिए अनुकूल है। सोचे हुए कार्य पूर्ण हो सकते हैं। व्यावसायिक क्षेत्र में कुछ योजनाओं का कार्य मन्द गति से पूर्ण होगा। लाभ-प्राप्त का सम्बन्ध बाहरी स्थानों से होने के योग बन रहे हैं, पुरुषार्थ, प्रयास और मेहनत में कमी न करें।
कॅरियर और प्रतियोगी परीक्षा- अपने प्रतिद्वन्दियों पर प्रभाव बनायेंगे। परीक्षाओं का परिणाम पक्ष में आने के पूर्ण योग बन रहे हैं। 2017 कॅरियर के लिए निर्णायक सिद्ध हो सकता है।
यात्रा की स्थिति- मार्च से अप्रैल तक का समय नौकरी में बदलाव के लिए अनुकूल है। यात्रा में परिवार के साथ यात्रा करने पर मनोवांछित सुख प्राप्त करने का योग मिलेगा। छोटी यात्रा में सुख ज्यादा। व्यवसायिक यात्रा पूर्ण अनुकूल नहीं है।
सारांश- वृष राशि वालों के लिए सुख सौभाग्य, संचित धन वृद्धि और तकनीकी जानकारों के लिए वर्ष विशेष शुभ रहेगा। धन की स्थिति सन्तोषजनक रहेगी। मित्रों और रिश्तेदारों में खास पहचान बनेगी। समाज में वृष राशिवालों के विचार और सलाह को महत्व दिया जायेगा। सन् 2017 के उत्तरार्द्ध के पश्चात सर्वांगीण उन्नति प्राप्त होगी।
क्या करें- मंगल ग्रह का जप एवं हनुमान जी की उपासना हितकर रहेगी। इसके अतिरिक्त वर्ष भर प्रत्येक शनिवार को छायापात्रदान, तेल और गुण का दान और गाय को मीठी रोटी देना शुभ रहेगा।
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मिथुन राशि
वर्ष के आरम्भ से 2 फरवरी तक राशि स्वामी बुध सप्तमस्थ रहने से मिश्रित फल घटित होंगे। ता0 26 जनवरी से 19 जून तक पुनः 26 अक्टूबर से वर्ष के अन्त तक शनि की दृष्टि रहने से कार्य व्यवसाय में विघ्न-बाधाओं के पश्चात सफलता मिलेगी। ता0 12 सितम्बर से वर्ष के अन्त तक गुरू की विशेष दृष्टि इस राशि पर रहने से व्यवसाय में कठिनाइयों के बाद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे।
व्यवसाय- समय अनुकूल नहीं है। धैर्य, साहस और पराक्रम भाव को बनाए रखने से अनुरूप सफलता और उन्नति प्राप्त हो होगी। गलत निर्णय हानि का कारण बन सकते हैं। वर्ष 2017 के अन्त में व्यावसायिक क्षेत्र में लाभ का योग बनेगा।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य में कमी के कारण रोगों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यभार की अधिकता थकावट का अनुभव करायेगी। गुप्तांगों के रोग 2017 के मध्य परेशानी बढ़ा सकते हैं।
सामाजिक स्थिति- माता के साथ सम्बन्ध सामान्य रहेगा परन्तु पिता के साथ स्थिति खराब हो सकती है। धन सम्बन्धी विषय परिवार के सुख में बाधक हो सकते हैं। दाम्पत्य जीवन में अधिकारों की विषमता को लेकर कुछ मतभेद हो सकता है। सन् 2017 के अन्त में परेशानियां कम होंगी और गृहस्थ जीवन में सुख के योग बनेंगे।
धन सम्पत्ति की स्थिति- आय में वृद्धि होगी परन्तु मन्द गति से। भावुकता से बचें नहीं तो आर्थिक हानि हो सकती है। वित्तीय रोजगारपरक कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे।
कॅरियर और प्रतियोगी परीक्षा- योग्यता सिद्ध करने के लिए अच्छा अवसर प्राप्त होगा। प्रतिद्वन्दियों पर विजय प्राप्त करेंगे। बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करने के लिए समय अनुकूल नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हो सकती है।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति- नौकरी छूटने की स्थिति हो सकती है। उच्चाधिकारियों से मधुर सम्बन्धों में कमी आयेगी। बड़ी योजनाओं पर बातचीत के अवसर मिलेंगे और व्यवसायिक और पारिवारिक यात्राएं अनुकूल सिद्ध होंगी।
सारांश- किए गए कार्यों में कुछ बाधाएं आ सकती हैं अपनी क्षमता से अधिक कार्य करना पड़ सकता है। सन् 2017 में उत्तरार्द्ध से आजीविका क्षेत्र में परिवर्तन की कोशिश करें। इसके लिए स्थान परिवर्तन अनुकूल रहेगा। नौकरी में बदलाव अनुकूल है।
क्या करें- वर्ष भर प्रत्येक बुधवार को श्री विष्णुसहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ और फल दान एवं कन्यापूजन हितकर रहेगा। इसे अतिरिक्त भैरव का पूजन भी शुभता प्रदान करेगा।
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कर्क राशि
सन् 2017 में 14 जनवरी से 11 फरवरी तक सूर्य की सप्तम दृष्टि होने से क्रोध और उत्तेजना ज्यादा रहेगी। ता0 1 मार्च से 12 अप्रैल तक मंगल की नीच दृष्टि रहने से दुर्घटना या चोट-चपेट इत्यादि का भय होगा। ता0 11 जुलाई से 26 अगस्त तक मंगल का नीच अवस्था में एवं 16 जुलाई से 16 अगस्त तक सूर्य का संचार रहने से तनाव, क्रोध तथा मानसिक उलझनें ज्यादा रहेंगी। ता0 17 अगस्त से सन् 2017 के अन्त तक कर्क राशि पर राहु का संचार होने से सोचे हुए एवं अन्य बनते हुए कर्म में विघ्न उत्पन्न होंगे।
व्वसाय की स्थिति- पहले से बेहतर अवसर कार्यक्षेत्र में प्राप्त होंगे। अपनी कार्यकुशलता और आजीविका के क्षेत्र में रिश्तों को सुधारने के मौके मिल सकते हैं नया व्यापार कार्य शुरू किया जा सकता हैं परन्तु साझेदारी में व्यापार आरम्भ करने का अनुकूल समय नहीं है।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य में कमी के कारण रोगों का सामना करना पड़ सकता है। कार्यभार की अधिकता थकावट का अनुभव करायेगी। गुप्त अंगों के रोग 2017 के मध्य के बाद परेशानी बढ़ा सकते हैं।
सामाजिक स्थिति- माता के साथ सम्बन्ध सामान्य रहेगा परन्तु पिता के साथ वैचारिक तालमेल का अभाव मिलेगा। धनसम्बन्धी विषय में परिवार में मतभेद आ सकते हैं। सन् 2017 के अन्त में परेशानियों का अन्त होकर गृहस्थजीवन में सुख के योग बनेंगे।
धन सम्पत्ति की स्थिति- धन-सम्पत्ति मन्द गति से बढ़ता रहेगा। अनुभव और योग्यता से निरन्तर जीवन निर्वाह के लिए आय करते रहेंगे। वित्तीय योजनाओं पर कार्य करने के अवसर प्राप्त होंगे। भावुकता से बचें।
कॅरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा- प्रतिद्वंदियों पर विजय प्राप्त करेंगे। योग्यता सिद्ध करने के लिए अच्छा अवसर प्राप्त होगा। विदेशी स्थानों पर शिक्षा प्राप्ति के लिए अनुकूल समय नहीं है। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त हो सकती है।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति- नौकरी छूटने की स्थिति हो सकती है। उच्चाधिकारियों से मधुर सम्बन्धों में प्राप्त हो सकता है। व्यवयसायिक और पारिवारिक दृष्टि से यात्राएं अनुकूल रहेंगी।
सारांश- किये गये कार्यों में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। क्षमता से अधिक कार्य करना पड़ सकता है। सन् 2017 के उत्तरार्द्ध में आजीविका क्षेत्र में बदलाव की कोशिश कर सकते हैं। इसके लिये नये शहर की ओर रुख कर सकते हैं। नौकरी में बदलाव के लिए समय अनुकूल रहेगा।
क्या करें- भगवान शिव की उपासना और केतु मन्त्र का जप हितकर रहेगा।
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सिंह राशि
सन् 2017 के प्रारम्भ से 17 अगस्त तक राहु का संचार 25 जनवरी तक पुनः 21 जून से 25 अक्टूबर तक शनि की ढैया का प्रभाव रहने से गुप्त चिन्ता, बनते कार्य में विलम्ब, घरेलू परेशानियां एवं अधिक उलझनों के कारण मानसिक तनाव पुनः 13 अप्रैल से 14 मई तक सूर्य उच्चस्थ होने से भाग्योन्नति तथा 17 अगस्त से राहु का संचार हट जाने से रूके तथा बिगड़े कार्य पूर्ण होंगे।
व्यवसाय- कार्यक्षेत्र की सफलता के लिए समय अनुकूल बना हुआ है। सहयोगी और उच्चाधिकारियों से सहयोग प्राप्त होगा। पदोन्नति भी सम्भावित है अथवा कार्यक्षेत्र में लाभ मिल सकता है। चमड़े की बनी वस्तुएं और जूता का करोबार हानिकारक रहेगा।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य प्रतिकूल रहेगा। नशीले पदार्थ का सेवन न करें। शारीरिक कष्ट में लापरवाही घातक हो सकती है। भोजन में स्वच्छता का ध्यान रखें क्योंकि उदर विकार की सम्भावना है।
सामाजिक स्थिति- माता का स्वास्थ्य प्रतिकूल रह सकता हैं सौहार्द का वातावरण मिलेगा। परिवार में कुछ समय देना हितकर रहेगा। धार्मिक कार्य से जुड़ाव रखें, यह फायदेमंद रहेगा।
धन समपत्ति की स्थिति- सन् 2017 का उत्तरार्द्ध शुभ फल देने वाला है। भूमि भवन और जमीन से जुड़े क्षेत्रों में धन निवेश करने के लिए समय अनुकूल है। नया घर या नये आफिस से जुड़ा लेन-देन उत्तम रहेगा। पूर्व रुका धन प्राप्त हो सकता है। रिश्वत लेना घातक हो सकता।
कॅरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा- ग्रहों का गोचर प्रतिकूल बना हुआ है। सफलता प्राप्ति के लिए ज्या दा प्रयास करना पड़ेगा। शत्रुओं और विरोधियों को सहज रूप से न लें। पद प्राप्ति की सम्भावना बन रही है।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति- यात्रा में कुछ परेशानियों का योग प्राप्त हो सकता है। अति आवश्यकता होने पर ही यात्रा करें। अगस्त 2017 के बाद विदेश यात्रा या बाहर जाने के सुखद योग बन रहे हैं। व्यावसायिक कार्यों और सामाजिक कार्यों के लिए विदेश में सफलता मिलेगी।
सारांश- किसी के सहयोग से ही व्यवसाय में सफलता की प्राप्ति होगी। किसी भूमि और भवन में पूंजी निवेश करना हितकर रहेगा। गुप्त शत्रुओं का भय बना रहेगा । आर्थिक, सामाजिक और पारिवारिक रूप से स्थिति सामानय रहेगी।
क्या करें- शनिवार के दिन काली वस्तुओं का दान करें। सूर्य को अर्घ्यदान और सूर्य मन्त्र का जप हितकर रहेगा।
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कन्या राशि 
सन् 2017 के प्रारम्भ से 11 सितम्बर तक इस राशि पर गुरु का संचार रहने से अत्यन्त संघर्षपूर्ण एवं कठिन परिस्थितियों के बावजूद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। इस बीच 26 जनवरी से 2 जून तक शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा। वर्ष के प्रारम्भ से पहली मार्च तक मंगल की विशेष दृष्टि रहने से क्रोध और उत्तेजना में वृद्धि का योग प्राप्त होगा।
व्यवसाय- आजीविका के क्षेत्र में दायित्व का ज्यादा निर्वाह करेंगे। आय के क्षेत्र में किसी तरह की कोई कमी नहीं होगी। राजनीति से जुड़े व्यक्तियों के लिए समय उत्तम रहेगा। पूंजी निवेश और घन विनियोजन में उत्तम लाभ की सम्भावना बन रही है।
स्वास्थ्य की स्थिति- प्रायः स्वास्थ्य अनुकूल रहेगा, फिर भी स्वास्थ्य सुख को बनाये रखने के लिए क्रोध हठ और अहंकार का त्याग करना अच्छा रहेगा। गठिया आदि से बुजुर्ग व्यक्तियों को परेशानी हो सकती है। पैरों एवं आंख में कुछ कष्ट का योग मिलेगा।
सामाजिक स्थिति- सामाजिक जीवन में वैचारिक मतभेद हो सकता है। भाई और बहनों के लिए समय अनुकूल रहेगा। बच्चों के विकास में प्रगति का योग मिलेगा। माता का स्वास्थ्य परेशानी दे सकता है।
धन-सम्पत्ति- आय के नये मार्ग खुलेंगे। भाग्य का सहयोग, धनलाभ और धन- सम्पत्ति में वृद्धि का योग है। धन-सम्पत्ति के लिए भागदौड़ बनी रहेगी। अनुभवी लोगों की सलाह लाभकारी सिद्ध होगी। भूमि-भवन से लाभ मिलेगा।
कॅरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा की स्थिति-सितम्बर के बाद का समय शुभ है। गुप्त शत्रुओं से नई चुनौतियों मिलने की सम्भावना है। सफलता हेतु पूर्ण मेहनत करेंगे। आंशिक सफलता के योग बन रहे हैं।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति-यात्राओं और तबादलाओं में शुभता प्राप्त होगी। आजीविका से रहित व्यक्तियों के मन में असन्तोष रहेगा। अगस्त 2017 के बाद यात्रा से लाभ मिलेगा। व्यवसायिक यात्राएं अपनी कार्यसिद्धि को पूर्ण करने में सफल रहेंगी।
सरांश- धन प्राप्ति के लिए उत्तम योग हैं परन्तु प्रत्येक कदम सोच विचार करके ही करें। इस वर्ष लाभ प्राप्ति का योग है। मुख के रोग हो सकते है। धन निवेश करना उत्तम रहेगा।
क्या करें- भगवती दुर्गा की आराधना करें। लाल वस्त्र न धारण करें। भगवान विष्णु की आराधना भी हितकर रहेगा।
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तुला राशि
वर्ष के प्रारम्भ होनेसे 25 जनवरी तक पुनः 21 जून से 25 अक्टूबर तक शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। अत्यन्त संघर्ष एवं कठिनाइयों से निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। ता0 27 जनवरी से 30 मई तक उच्च राशि के शुक्र के होने से आय के श्रोतों में सुधार होगा। 12 सितम्बर से वर्ष के अन्त तक इस राशि पर गुरु का संचार होने से कारोबार में अस्थिरता का संकेत है।
व्यवसाय की स्थिति- व्यवसाय और आय के क्षेत्रों में विस्तार होगा । नये आय के साधन प्राप्त होंगे और उससे लाभ प्राप्त होगा। प्रत्येक कार्य क्षेत्र के लिए वर्ष उत्तम रहेगा। सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त होगी। आत्मविश्वास बना रहेगा और प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी। व्यापार और व्यवसाय में लाभ। नौकरी पेशा वालों के लिए स्थान परिवर्तन का योग है।
स्वास्थ्य- बृहस्पति की दृष्टि रोग भाव पर होने के कारण रोगों में वृद्धि होने की सम्भावना है। स्वास्थ्य पर ध्यान रखें और वाहन चलाने में सावधानी रखें क्योंकि चोट-चपेट की सम्भावना है।
सामाजिक स्थिति- परिवार में सुख और शान्ति बनाये रखें। परिवार के लिए हितकर कार्य करेंगे। किसी धार्मिक स्थल की यात्रा का योग बनेगा। परिवार के उत्थान के लिए कार्य करेंगे। सन्तान प्राप्ति का योग बन रहा है।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- व्यावसायिक कार्यों के लिए धन का विनिमय हितकारी रहेगा सन् 2017 के मध्य में आर्थिक मामले उलझ सकते हैं। गुप्त शत्रुओं का भय प्राप्त होगा। लाभ के कई स्रोत प्राप्त होंगे।
कॅरियर - समय अनुकूल है। इसलिए सफलता प्राप्ति के लिए प्रयासरत रहें। समय की शुभता का फायदा उठायें। विद्यार्थियों के लिए वर्ष उत्तम है। परिश्रम से लक्ष्य प्राप्ति की सम्भावना बन रही है।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति- यात्रा के दौरान छोटी-मोटी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धार्मिक तीर्थ स्थानों के दर्शन का योग है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए बाहर जाकर शिक्षा प्राप्त करने का योग बन रहा है। सन् 2017 के अन्त में कुछ सामान्य परेशानी मिल सकती है।
सारांश- वर्ष मिला जुला रहेगा। सावधानी से कार्य करें। विवादों से बचना हितकारी रहेगा। सफलता के दृष्टिकोण से वर्ष अच्छा है। इसलिए रचनात्मक कार्यों में लगे रहें।
क्या करें- शुक्र और मगल ग्रह के मंत्र का जप करें। मंगलवार को हनुमान जी का दर्शन करें। प्रत्येक सोमवार को देवी कवच का पाठ हितकारी रहेगा।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वर्ष भर रहेगा। शनि का संचार 25 जनवरी तक पुनः 21 जून से 25 अक्टूबर तक रहेगा। फलस्वरूप निकट बन्धुओं के साथ विचार-वैमनस्य, स्वास्थ्य संबंधी संकट एवं आर्थिक परेशानियों के कारण मन अशान्त रहेगा। 11 जुलाई से 25 अगस्त तक मंगल नीच राशिगत रहने से संघर्ष ज्यादा, 27 अगस्त से 12 अक्टूबर तक मंगल की स्वगृही दृष्टि से मान-सम्मान में वृद्धि, आयवृद्धि और खर्च भी ज्यादा रहेगा।
व्यवसाय- भूमि निवेश के लिए वर्ष उत्तम है। लाभ प्राप्ति के लिए वर्ष अनुकूल रहेगा। आय के कई स्रोत प्राप्त होंगे। व्यवसाय और आय क्षेत्र में प्रारम्भ में कुछ परेशानी परन्तु लाभ अवश्य मिलेगा। 2017 ई0 के मध्य आर्थिक परेशानी मिलेगी। सन् 2018 के प्रारम्भ से प्रतिष्ठा में हानि के योग मिल सकते हैं।
स्वास्थ्य- शारीरिक क्षमता में कुछ कमी प्राप्त होगी। हड्डियों में कमजोरी का एहसास होगा। कार्यों की अधिकता से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। अस्थि रोग की सभ्भावना है। सन् 2017 के अन्त में शारीरिक कष्ट हो सकता हैं
सामाजिक स्थिति- दाम्पत्य जीवन में कुछ अनबन मिल सकती है। पिता का स्वास्थ्य प्रभावित होगा। पिता के विचारों से तालमेल का अभाव मिल सकता है घर में शुभ कार्य का योग प्राप्त होगा। पारिवारिक सदस्यों के साथ वैचारिक मतभेद होगा। भाई और बहनों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- स्थिति बेहतर रहने के ग्रहयोग बन रहे हैं। प्रत्येक कार्य में मेहनत करने के योग बन रहे हैं। परिश्रम का फल भविष्य में सकारात्मक रहेगा रोजगार सम्बन्धी नये कार्य की शुरुआत का अवसर मिलेगा।
कॅरियर एवं प्रतियोगी परीक्षा की स्थिति-प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वालों को सफलता के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी होगी। प्रतिद्वन्दी ज्यादा कुशल और योग्य हो सकते हैं। कड़े संघर्ष के बाद ही सफलता का योग बन रहा है।
यात्रा और स्थानान्तरण की स्थिति-धार्मिक यात्रा संघर्षपूर्ण रहेगी। परन्तु व्यावसायिक यात्राएं लाभप्रद रहेगी। नौकरी में बदलाव के संकेत हैं। नौकरी में परेशानियों के कारण स्थान परिवर्तन का विचार बनेगा।
सारांश- अभिभावकों को सन्तान पक्ष से असन्तुष्टि मिलेगी, माता के साथ सम्बन्धों में तनाव मिल सकता है। मातृपक्ष से सम्बन्धों में कड़वाहट मिल सकती है, इसलिए नम्रता से पेश आयें। क्या करें- मादक द्रव्यों का परित्याग करें। पक्षियों को दाना दें। महीने में एक बार (छह) नारियल बहते पानी मंम प्रवाह करें। माथे पर केसर का तिलक लगायें।
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धनु राशि
धनुराशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव वर्ष भर रहेगा। ता0 26 जनवरी से 20 जून तक तथा पुनः 26 अक्टूबर से वर्ष पर्यन्त तक शनि का संचार इस राशि पर रहने से वर्ष भर संघर्षमयी परिस्थितियां रहेंगी। वर्ष के आरम्भ से 11 सितम्बर तक शनि स्वामी गुरु की दशमस्थ शुभराशिगत रहेगा। ता0 12 सितम्बर से वर्ष पर्यन्त तक गुरु शत्रु राशिस्थ परन्तु लाभ स्थान में संचार करने से अकस्मात धनलाभ के अवसर प्राप्त करायेगा।
स्वास्थ्य- शारीरिक स्वास्थ्य में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हड्डियों में कष्ट प्राप्त हो सकता है। चक्षु पीड़ा का योग बनेगा और रक्तचाप से प्रभावित होंगे। यदि मधुमेह से पीडि़त होंगे तो मधुमेह का स्तर बढ़ सकता है।
धन-सम्पत्ति- स्थिति में सुधार होगा परन्तु प्रत्येक कार्य में परिश्रम ज्यादा करना पड़ेगा। परिश्रम का फल सकारात्मक रहेगा। नये रोजगार की सम्भावना बनेगी, पुराने व्यवसाय में उन्नति प्राप्त होगी।
व्यवसाय- पदोन्नति के लिए प्रयास करें, व्यवसाय में पारदर्शिता से लाभ मिलगा। यदि बेरोजगार हैं तो रोजगार के साधन मिलेंगे। प्रयास से लाभ प्राप्त होंगे।
समाज-परिवार की स्थिति- बहन-भाई व पड़ोसियों से मधुरता का योग प्राप्त होगा। सन्तान पक्ष में उन्नति मिलेगी। मित्रों कॅरियर - प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादा परिश्रम करना पड़ेगा। प्रतिद्वन्दियों से टक्कर मिल सकती है। सफलता हेतु कड़ी मेहनत की आवश्यकता है।
स्थानान्तरण की स्थिति- यात्राएं संघर्षपूर्ण रहेगी, व्यवसायिक यात्रा सफल रहेगी। नौकरी में बदलाव की स्थिति। कुछ परेशानियां प्राप्त हो सकती हैं।
सारांश- भाग्य तो प्रत्येक कार्य में साथ देगा परन्तु सम्बन्धों में कड़वाहट भी मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों के साथ उदारता से कार्य करें नहीं तो नुकसान। आय के नये साधन मिलेंगे। सन्तान पक्ष से असन्तुष्टि मिलेगी।
क्या करें- कन्याओं की शादी में दान दें। गुड़ से रूद्राभिषेक करायें और महामृत्युंजय स्तोधत्र का पाठ करें।
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मकर राशि
वर्ष के आरम्भ में राशि स्वामी शनि तथा लाभेश मंगल के बीच स्थान विपयर्य योग बना हुआ है। फलस्वरूप कार्यक्षेत्र में विशेष संघर्ष के बाद निर्वाह योग्य आय के साधन बनेंगे। ता0 26 जनवरी से 20 जून तक तथा पुनः 26 अक्टूबर से सन् 2017 के अन्त तक इस राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा तथा वर्ष के आरम्भ से 11 सितम्बर तक गुरु की विशेष नीच दृष्टि से यह समयावधि विशेष संघर्षपूर्ण एवं कठिन परिस्थितियों में से गुजरेगी।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य सम्बन्धी विशेष परेशानियां मिल सकती हैं। जोड़ों और हड्डियों के विकार हो सकते हैं। मूत्र संबंधी विकार का योग मिल सकता है।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- तनाव के बावजूद अप्रत्याशित लाभ मिल सकता है। व्यापार काफी तेजी से चलेगा। मेहनत करें व सफलता प्राप्त होगी। उतार-चढ़ाव की स्थिति बनेगी। साझेदारी का कार्य उलझनपूर्ण रहेगा।
व्यवसाय-व्यवसाय में एक अलग पहचान मिलेगी। प्रारम्भ में व्यवसाय धीमी गति का रहेगा, 6 माह के बाद उन्नति खूब मिलेगी। आय के नवीन साधन मिलेंगे।
सामाजिक स्थिति-सामाजिक क्षेत्र के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है। क्रोध ज्यादा रहेगा। अतः उससे नुकसान प्राप्त हो सकता है। पारिवारिक तालमेल का अभाव मिलेगा। दाम्पत्य जीवन में भी तालमेल का अभाव प्राप्त होगा।
कॅरियर -परीक्षार्थियों के लिए कॅरियर परिश्रम से परिपूर्ण रहेगा। बाहर जाकर शिक्षा प्राप्ति का योग है। योजनाएं क्रियान्वित होंगी।
स्थानान्तरण की स्थिति- मित्रों के साथ यात्रा का लाभ मिलेगा। स्थानान्तरण के लिए वर्ष 2017 का फरवरी से मई तक का समय अनुकूल रहेगा। यदि इस अवधि में व्यवसाय के लिए बाहर जायें तो बेहतर रहने की सम्भावना है।
सरांश-आर्थिक सामाजिक एवं पारिवारिक पक्ष में स्थिति मिली-जुली बनी रहेगी। जातक शत्रुओं पर हावी रहेगा। परन्तु कठिनाइयां भी कम न होंगी। परीक्षार्थियों के अनुकूल समय परन्तु परिश्रम भी पूर्ण करना पड़ेगा। आय के योग का कम और ज्यादा व्यय का योग हैं।
क्या करें- वर्ष पर्यन्त शनिवार का व्रत रहें। भगवती दुर्गा की उपासना हितकर रहेगी।
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कुम्भ राशि
वर्ष के आरम्भ में शनि, शत्रु राशिगत होने से पेचीदा एवं संघर्षमयी परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। वर्ष के आरम्भ से 17 अगस्त तक केतु का संचार इस राशि पर रहने से स्वास्थ्य सम्बन्धी कष्ट, चोट-चपेट का भय त्वचारोग तथा निकट भाई- बन्धुओं के साथ मनमुटाव व वैमनस्य रहेगा। ता0 26 जनवरी से 20 जून तक तथा पुनः 26 अक्टूबर से वर्ष पर्यन्त राशि स्वामी शनि की स्वग्रही एवं 12 सितम्बर से वर्ष के अन्त तक गुरू की शुभ दृष्टि रहने से बिगड़े कार्यों में सुधार, धार्मिक कार्यों में प्रवृत्ति रहेगी।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य के लिए वर्ष मिलाजुला रहेगा। मानसिक तथा शारीरिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं। तनाव का योग होने से उच्च रक्तचाप मिलेगा। उलझन बनी रहेगा।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- आय और व्यय दोनों का विस्तार होगा। वयस्क और बुद्धिमान व्यक्ति के सहयोग से सफलता मिलेगी। तनाव तो रहेगा परन्तु आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
व्यवसाय की स्थिति- व्यवसाय में व्यय बढ़ेगा इसलिए मानसिक परेशानी प्राप्त होगी। मेहनत के अनुरूप ही सफलता मिलेगी।
समाज परिवार की स्थिति- परिवार में अन्य सदस्यों से सम्बन्ध पूर्ववत रहेगा। पारिवारिक दृष्टि से वर्ष अच्छा रहेगा। पर्यटन का सुअवसर प्राप्त होगा। माता-पिता या घर के बुजुर्गों का स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है।
कॅरियर की स्थिति- सन् 2017 के जून के बाद कॅरियर की दृष्टि से वर्ष उत्तम है। परीक्षार्थियों के लिए वर्ष मिलाजुला रहेगा। बुद्धि के विभ्रम होनेकी स्थिति है। कड़ी मेहनत के बाद ही सफलता प्राप्त होगी।
स्थानान्तरण की स्थिति- वर्ष धर्ममय रहेगा। इसलिए तीर्थाटन का योग मिल सकता हैं। यात्राओं में बाधा परन्तु सुदूर जाने का योग भी है। स्थानान्तरण के लिए वर्ष प्रतिकूल है।
सारांश- वाहन, भूमि, भवन के लिए वर्ष उत्तम है। ज्यादा पूंजी निवेश से बचें। नहीं तो नुकसान की सम्भावना है। वर्ष उपलब्धियों वाला है।
क्या करें- प्रत्येक शनिवार को भगवान शंकर को कच्ची लस्सी, बेलपत्र, शक्कर डाल कर जलार्पण करें। ओम नमः शिवाय का जप, पीपल को जलदान, धार्मिक पुस्तक का दान हितकर रहेगा।
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मीन राशि
वर्ष 2017 के प्रारम्भ से 11 सितम्बर तक गुरु के स्वगृही होने से धर्म-कर्म में रुचि बनेगी, धार्मिक एवं परोपकारी कार्यों पर खर्च अधिक होगा। नौकरी-व्यापार में पदोन्नति एवं लाभ प्राप्ति के अवसर बनेंगे। तारीख 12 सितम्बर से 2017 के अन्त तक गुरु अष्टकमस्थ शत्रु राशिगत संचार करने से कार्यों में विलम्ब होगा। वर्ष के अन्त में स्वास्थ्य कुछ प्रतिकूल तथा कोई न कोई समस्या उभरती रहेगी।
स्वास्थ्य- स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें नहीं तो सेहत पर प्रतिकूल स्थिति बनेगी। कार्याधिकता से स्वास्थ्य प्रभावित रहेगा।
धन-सम्पत्ति की स्थिति- धन सम्पत्ति व पूंजी निवेश के लिए वर्ष उतम है। व्यापार से जुड़े व्यक्ति के लिए वर्ष अनुकूल है। भाग्य का सहयोग मिलेगा। कम प्रयास पर भी जीविकोपार्जन के स्रोत मिलते रहेंगे।
व्यवसाय की स्थिति- व्यवसायियों के लिए वर्ष 2017 मिश्रित फल देने वाला रहेगा। व्यवसाय में स्थिरता बनाये रखने के लिए कड़ी मेहनत का योग मिलेगा। नौकरी वालों के लिए उच्चाधिकारियों से मतैक्यता का अभाव मिलेगा।
समाज परिवार की स्थिति- घर परिवार में महत्वपूर्ण मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। दाम्पत्य जीवन सामान्य रहेगा। जिस व्यक्ति के विवाह की बात चल रही है उसका विवाह हो जायेगा या विवाह की बात पक्की हो जायेगी। कुछ सामान्य बाधाओं के बाद भी परिवार में शुभ कार्य होगा।
कॅरियर - विद्यार्थियों के लिए वर्ष अनुकूल है। भाग्य साथ देगा और कॅरियर की शुरुआत हो जायेगी। उच्च शिक्षा हेतु बाहर जाने का सुयोग है।
स्थानान्तरण की स्थिति - स्थानान्तरण के लिए वर्ष अनुकूल हैं। यात्रा का उत्तम योग मिलेगा।
सारांश- मीन राशिवालों के लिए नया व्यवसाय प्रारम्भ करने के लिए उत्तम है। नये व्यवसाय और रोजगार के सुअवसर मिलेंगे।
क्या करें- सूर्यार्घ्य, गायत्रीमन्त्र का जप तथा लाल वस्तुओं का दान एव ऊँ घृणिः सूर्याय नमः मन्त्र का जाप हितकर रहेगा।

                                                                                                        ज्योतिषाचार्य
                                                                                                     पं0 शरद चन्द्र मिश्र
                                                                                      430 बी आजाद नगर रूस्तमपुर, गोरखपुर
                                                                                                    मो0नं0 9451189815


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