0
बृहस्पति का राशि परिवर्तन गत 12 सितंबर को हो गया। वह कन्या से तुला राशि में प्रवेश किए हैं। अब 13 माह तक तुला में ही रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार कालपुरुष के केंद्र (सप्तम भाव) में बृहस्पति का गोचर है। यह विश्व के लिए शुभता का संदेश है। इस राशि परिवर्तन में मनुष्य में प्रेम का संचार होगा। विवाहित जोड़ों के लिए अतिशुभ होगा और देश व्यावसायिक क्षेत्र में प्रगति करेगा। बावजूद इसके अलग-अलग राशियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेंगे।
------------------
राशियों पर प्रभाव
मेष- दांपत्य जीवन में खुशहाली, अविवाहित के विवाह की संभावना, व्यावसायिक सफलता।
वृषभ- शुभता थम सकती, अशुभता बढ़ सकती है। पहले से आ रही परेशानियां बढ़ सकती हैं।
मिथुन- शुभ समय। पढ़ाई-लिखाई के लिए अनुकूल। विरोधी परास्त होंगे। भाग्य साथ देगा।
कर्क- भूमि, भवन, वाहन की खरीदारी संभव, मां का स्वास्थ्य ठीक रहेगा। उत्सव का समय।
सिंह- ऊर्जा बढ़ेगी, साथ ही परेशानी भी। कार्य के समय पर परिणाम नहीं मिलेंगे पर सराहना होगी। धीरे-धीरे अच्छे दिनों की तरफ बढ़ेंगे।
कन्या- आर्थिक स्थिति सुधरेगी। विरोधी परास्त होंगे। लेखन व गायन आदि क्षेत्रों में आशातीत सफलता मिलेगी।
तुला- पहले से आ रही परेशानी व खर्चों से मुक्ति मिलेगी। निरोगी होंगे, जीवन में सकारात्मकता आएगी।
वृश्चिक- खर्च अधिक होगा लेकिन शुभ कार्यों में। कर्ज की स्थिति आ सकती है, इसलिए थोड़ी सावधानी बरतें।
धनु- खुशियों से भरा वर्ष होगा। आशातीत सफलता मिलेगी। रुका हुआ धन वापस मिलेगा, आय के नवीन स्रोत बनेंगे।
मकर- पिता को लाभ होगा, पैतृक संपत्ति में वृद्धि होगी। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। प्रोन्नति हो सकती है।
कुंभ- भाग्योदय होगा, अच्छे समय की शुरुआत होगी, मन धार्मिक होगा। निरोग रहेंगे।
मीन- स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहेगी। दबी हुई बीमारी उभर सकती है या छोटी-मोटी बीमारी दस्तक दे सकती है। शुभता में कमी आएगी।

Keywords: jyotish

नोट- इस वेबसाइट की अधिकांश फोटो गूगल खोज से ली गई हैं, यदि किसी फोटो पर किसी को कॉपीराइट विषय पर आपत्ति है तो सूचित करें, वह फोटो हटा दी जाएगी।
Next
This is the most recent post.
Previous
Older Post

Post a Comment

gajadhardwivedi@gmail.com

 
Top