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बौद्ध धर्म: जीवन का अंतिम लक्ष्य निर्वाण बौद्ध धर्म: जीवन का अंतिम लक्ष्य निर्वाण

बौद्ध धर्म के संस्थापक गौतम बुद्ध थे। जीवन से दु:ख का निवारण करने के लिए उन्होंने घर का त्याग किया। कठोर तपस्या करने के बाद उन्हें बोध गया म...

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आत्मोन्नति व मोक्ष के साधन को दर्शाता है सांख्य आत्मोन्नति व मोक्ष के साधन को दर्शाता है सांख्य

सांख्य दर्शन वस्तुवाद और द्वितत्ववाद का प्रतिपादन करता है। यह प्रकृति व पुरुष, इन दो तत्वों के सहारे जगत का उत्पादन करता है। सारा संसार इन्ह...

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मकर संक्रांति से प्रारंभ होता है उत्तरायण मकर संक्रांति से प्रारंभ होता है उत्तरायण

मकर रेखा दक्षिणी गोलार्द्ध में वह अंतिम अक्षांश सीमा है जिसपर सूर्य लम्बवत चमकता है। इसके बाद सूर्य मकर रेखा से उत्तर की ओर बढ़ना शुरू कर देत...

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आत्मा नित्य व सर्वव्यापी है आत्मा नित्य व सर्वव्यापी है

सांख्य मत के अनुसार आत्मा (पुरुष) शरीर, इन्द्रिय, मन और बुद्धि से भिन्न है। यह सांसारिक विषय नहीं है। मष्तिष्क, स्नायु, मण्डल या अनुभव समूह ...

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कुण्डली में निहित हैं जीवन के सूत्र कुण्डली में निहित हैं जीवन के सूत्र

ब्रह्मा ने सृष्टि के बाद मानव कल्याण के लिए दिव्य ज्ञान ज्योतिष शास्त्र के रहस्य को उद्घाटित किया, जिसे होरा शास्त्र कहते हैं। यूं तो कई विध...

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हस्तरेखाएं बोलती हैं हस्तरेखाएं बोलती हैं

मनुष्य का भूत, भविष्य व वर्तमान जानने के लिए कई विधियां हैं जिनमें हस्तरेखा महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जन्म कुण्डली का आधार तो जन्म समय हो...

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ग्रह एवं रत्न ग्रह एवं रत्न

शुभ ग्रहों के प्रभाव में वृद्धि और अनिष्ट ग्रहों के कुप्रभाव के निवारण हेतु उपयुक्त ग्रह रत्न धारण करना अत्यंत लाभदायक सिद्ध होता है। हर रत्...

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रत्नों का चुनाव रत्नों का चुनाव

रत्नों का चुनाव चार चार विधियों से किया जा सकता है। 1- जन्मपत्री देखकर लग्नराशि के अनुसार 2- शयन कक्ष में प्रवेश द्वार की दिशानुसार 3- न...

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रत्न धारण करने का ढंग रत्न धारण करने का ढंग

सभी रत्नों को सुबह स्नान करने के पश्चात सही अंगुली में पहनना चाहिए। पहनने से पहले उसे कच्चे दूध में धोकर पहनें। रत्न आप अपने बांए या दाएं हा...

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एक साथ पीले हुए 85 बेटियों के हाथ एक साथ पीले हुए 85 बेटियों के हाथ

एक साथ कई दर्जन बेटियों के हाथ पीले हुए। उनके मां-बाप के जीवन का सबसे बड़ा सपना पूरा हुआ। मांग में लाल सिन्दूर शोभा पाने लगा तो माथे पर बिंदि...

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हजरत मूसा थे यहूदी धर्म के प्रवर्तक हजरत मूसा थे यहूदी धर्म के प्रवर्तक

यहूदी धर्म के प्रवर्तक हजरत मूसा थे। यहूदी फिलिस्तीन के निवासी थे। हजरत मूसा ने यहूदी जाति को एकता के सूत्र में बांधा और उन्हें धर्म का संदे...

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पारसी धर्म: ईश्वर एक और सर्वशक्तिमान है पारसी धर्म: ईश्वर एक और सर्वशक्तिमान है

पारसी धर्म संस्थापक महात्मा जरथुस्त्र थे। इस धर्म का उदय पारस में ईसा से 700 वर्ष पूर्व हुआ था। पारसी लोग अग्नि की उपासना करते हैं। इन लोग...

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योग धर्म का विज्ञान है योग धर्म का विज्ञान है

योग धर्म का विज्ञान है। ओशो कहते हैं कि पतंजलि धर्म के पहले वैज्ञानिक हैं। उन्होंने धर्म को वैज्ञानिक आधार दिया। पहली बार धर्म को प्रयोगधर्म...

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भूत, वर्तमान व भविष्य का दर्पण है ज्योतिष भूत, वर्तमान व भविष्य का दर्पण है ज्योतिष

ज्योतिष शास्त्र को वेदों का नेत्र कहा गया है। अर्थात वेद जो समाज के दर्पण हैं उनका नेत्र, समाज यानी मनुष्य का भूत, वर्तमान व भूविष्य, इसलिए ...

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ज्ञान मुक्ति से है, दार्शनिक विचारों से नहीं ज्ञान मुक्ति से है, दार्शनिक विचारों से नहीं

पोट्ठपादसुत्त ग्रंथ के अनुसार महात्मा शाक्य मुनि (सिद्धार्थ गौतम) ने दस प्रश्नों का समाधान असंभव तथा व्यावहारिक दृष्टि से व्यर्थ समझा। वे प्...

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2013 का वार्षिक राशिफल 2013 का वार्षिक राशिफल

चंद्रमा प्राय: सवा दो दिन, बुध व सूर्य एक माह, मंगल डेढ़ महीने, शुक्र लगभग एक मास, वृहस्पति तेरह महीने, शनि ढाई वर्ष और राहु-केतु 18 महीने तक...

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ईश्वर का मानव के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति है क्रिसमस ईश्वर का मानव के प्रति प्रेम की अभिव्यक्ति है क्रिसमस

हर साल हम लोग 25 दिसम्बर को प्रभु येसु मसीह का जन्मोत्सव मनाते हैं। यह केवल इसाई समुदाय के लिए नहीं बल्कि समस्त मानव जाति के लिए खुशी का त्य...

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प्रभु येसु मसीह का बाल्यकाल प्रभु येसु मसीह का बाल्यकाल

इस संपूर्ण संसार में येसु नाम ब्रह्माण्ड में गुंजित ईश्वर की ऐसी अद्भुत है जो अनादि, अनंत, सत्य, शाश्वत, अल्फा, ओमेगा और यहां तक कि समस्त जी...

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पंचांग पंचांग

पंचांग काल गणना के सभी आंकड़ों को एक साथ समाहित करता है। पंचांग में ग्रहों की दैनिक गति, वार्षिक व मासिक गति दी जाती है। वहां उनके द्वारा ...

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वेदांगों में ज्योतिष शास्त्र वेदांगों में ज्योतिष शास्त्र

भारतीय संस्कृति सत्य सनातन है। यह युगद्रष्ट्रा हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा संस्थापित है। मानव जीवन को सुव्यवस्थित रूप देने के लिए ऋषियों ने वे...

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गीता जयंती- मनुष्य की जरूरत है गीता गीता जयंती- मनुष्य की जरूरत है गीता

गीता जयंती मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (23 दिसम्बर) पर विशेष संपूर्ण भूमंडल के साहित्य में श्रीमद्भगवतगीता एक अमूल्य, अद्वितीय एवं अनुपम रत्न है...

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ग्रहों की जुगलबन्दी मचायेगी तबाही ग्रहों की जुगलबन्दी मचायेगी तबाही

राहु-शनि की जुगलबन्दी से विश्व में भारी तबाही के संकेत मिल रहे हैं। जिसको लेकर ज्योतिष के पंडित खासे चिंतित हैं। 23 दिसम्बर को राहु वृश्चिक ...

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सिद्धि के दाता हैं दत्तात्रेय प्रभु सिद्धि के दाता हैं दत्तात्रेय प्रभु

विलक्षण स्वरूप में स्थित सिद्ध प्रभु दत्तात्रेय के जन्म और नामकरण की कथा भी विलक्षण है। उनका जन्म मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को प्रदोष काल म...

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 !!shri rani satye namah!! !!shri rani satye namah!!

!!shri rani satye namah!! "ya devi sarvabhutesu sati rupena samsthita ! namastasyai namastasyai namastasyai namo namah !! satayuge...

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जीवन को आनंदित कर सकता है ज्योतिष जीवन को आनंदित कर सकता है ज्योतिष

ज्योतिष शास्त्र अपने आप में विशिष्ट विज्ञान है। सृष्टि के कल्याण के लिए ब्रह्माजी ने इस रहस्य को प्रकाशित किया। इस ज्ञान को जानने वालों को द...

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भावनात्मक अवसाद से बचाकर मनोबल बढ़ाते हैं स्वप्न भावनात्मक अवसाद से बचाकर मनोबल बढ़ाते हैं स्वप्न

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार स्वप्न मन के सोचने-विचारने की उपज है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मन का कारक ग्रह चंद्रमा है जो अन्य आठ ग्रहों की तुलन...

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23 दिसम्बर को अपनी कक्षा बदलेंगे राहु-केतु 23 दिसम्बर को अपनी कक्षा बदलेंगे राहु-केतु

6 जून 2011 से वृश्चिक राशि में राहु तथा वृष में केतु संचरण कर रहा है। 23 दिसम्बर 2012 को सायं 6 बजकर 39 मिनट पर राहु तुला तथा केतु मेष राशि ...

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खरमास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य खरमास में क्यों नहीं होते मांगलिक कार्य

खरमास 16 दिसम्बर से शुरू हो रहा है और 14 जनवरी को समाप्त होगा। इस अवधि में विवाहादि मांगलिक कार्य नहीं किए जाते हैं। खरमास में सूर्य अपने गु...

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भगवत पूजन का विशेष माह है खरमास भगवत पूजन का विशेष माह है खरमास

जब धनु राशि की संक्रान्ति होती है तब खरमास शुरू हो जाता है और मकर की संक्रान्ति लगते ही समाप्त हो जाता है। मीन की संक्रान्ति होने पर पुन: द्...

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सुख व समृद्धि देता है पिड़िया व्रत सुख व समृद्धि देता है पिड़िया व्रत

पिड़िया व्रत के नाम से जाने जाना वाला व्रत रुद्रव्रत या गौरीतप व्रत कहलाता है। व्रत का प्रारंभ कार्तिक पक्ष के शुक्ल द्वितीया के दिन होता है...

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पवित्र त्योहार है क्रिसमस पवित्र त्योहार है क्रिसमस

सेंट जोसफ महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर संतोष ने कहा कि क्रिसमय यानी प्रभु यीशु के अवतार के उपलक्ष्य में इसाई विश्वासीगण 1 दिसम्बर से 24 ...

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‘अब और देर न करो, ध्यान में उतरो’ ‘अब और देर न करो, ध्यान में उतरो’

‘वैसे ही बहुत देर हो चुकी है, अब और देर न करो, ध्यान में उतरो’। आधुनिक युग के चर्चित रहस्यदर्शी भगवानश्री रजनीश (ओशो) के ये शब्द संवेदना व क...

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