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अशुभ फलदायक है गुरु चाण्डाल योग अशुभ फलदायक है गुरु चाण्डाल योग

गुरु ग्रह के निर्बल, अशुभ भावेश अथवा अकारक होने पर राहु से युति चाण्डाल योग का निर्माण करती है। चाण्डाल के समान यह राहु कुफल कारक है। इसलिए ...

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रमता है सो कौन घट-घट में विराजत है रमता है सो कौन घट-घट में विराजत है

रमता है सो कौन घट-घट में विराजत है, रमता है सो कौन बता दे कोई। अपने जीवन के अंतिम क्षणों में उपरोक्त अनूठी रहस्यमय अमरवाणी के उद्घोष के सा...

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एक नूर ते सब जग उपजेआ एक नूर ते सब जग उपजेआ

अव्वल अल्लाह नूर उपाया, कुदरत के सब बंदे। एक नूर ते सब जग उपजेआ कौन भले कौन मंदे।। आज वैज्ञानिक करोड़ों डालर खर्च कर गार्ड पार्टिकल की खोज ...

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अंतस प्रवेश का अवसर अंतस प्रवेश का अवसर

कार्तिक पूर्णिमा 28 नवम्बर को है। यह पूर्णिमा संभावनाओं के द्वार खोलती है। वैसे हर पूर्णिमा मनुष्य को अपनी परम खिलावट के लिए प्रेरित करती है...

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गुरुनानक सबके सिरताजा, जिसको सिमर सरे सभ काजा गुरुनानक सबके सिरताजा, जिसको सिमर सरे सभ काजा

संसार में श्रीगुरुनानक देव ऐसी आध्यात्मिक शख्सियत के रूप में प्रगट हुए हैं जिन्होंने मानवता की सर्व कठिनाइयों, अरुचियों, प्रवृत्तियों को प्र...

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सिख धर्म:सभी ईश्वर की संतान हैं सिख धर्म:सभी ईश्वर की संतान हैं

सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानकदेव थे। इनका जन्म पंजाब प्रांत के तलवंडी नामक स्थान में हुआ था। गुरुनानक के बाद सिखों के गुरु होने की परंपरा क...

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परम पुण्यदायी है कृतिका नक्षत्र से युक्त कार्तिक पूर्णिमा परम पुण्यदायी है कृतिका नक्षत्र से युक्त कार्तिक पूर्णिमा

कार्तिक पूर्णिमा यदि कृतिका नक्षत्र से युक्त हो तो परम पुण्यदायी मानी जाती है। इस वर्ष 28 नवम्बर दिन बुधवार को हृषीकेश पंचांग के अनुसार सूर्...

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प्रबोधनी एकादशी के दिन होता है तुलसी विवाह प्रबोधनी एकादशी के दिन होता है तुलसी विवाह

प्रबोधिनी एकादशी 24 नवम्बर को है। इस दिन भगवान विष्णु से तुलसी जी के विवाह की प्रथा है। कार्तिक शुक्ल नवमी से एकादशी तक निराहर व्रत रखा जाता...

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जैन धर्म: कर्मफल ही जन्म -मृत्यु का कारण जैन धर्म: कर्मफल ही जन्म -मृत्यु का कारण

प्राचीन भारत के धर्मों में जैन धर्म का महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट स्थान है। यह भारत का प्राचीनतम धर्म है। जैन धर्म में 24 तीर्थंकर हुए। ऋषभदेव इ...

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यहां आए थे राम यहां आए थे राम

लोगों को अक्‍सर ऐसा कहते हुए सुना जाता है कि नाम में क्या रखा है। पर कई बार नाम में ही कई दिलचस्प और अनोखी कहानियां छिपी होती हैं जो इतिहास ...

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असत्य के आगे नहीं झुके ईमाम हुसैन असत्य के आगे नहीं झुके ईमाम हुसैन

लेखक- संतोष गुप्ता कर्बला की कहानी मनुष्य की संवेदना को झकझोर देती है। सत्य के पथिक पर जालिमों ने जो कहर ढाया उसकी याद हर मुहर्रम दे जाता ह...

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देवोत्थान एकादशी 24 नवम्बर को, योगनिद्रा से बाहर आएंगे भगवान विष्णु देवोत्थान एकादशी 24 नवम्बर को, योगनिद्रा से बाहर आएंगे भगवान विष्णु

कार्तिक शुक्ल एकादशी 24 नवम्बर को है। इसे देवोत्थान या प्रबोधनी एकादशी भी कहते हैं। मान्यता है कि अषाढ़ शुक्ल एकादशी (हरिशयनी) एकादशी को भगवा...

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डूबते सूरज को भी सलाम करता है भारत डूबते सूरज को भी सलाम करता है भारत

उगते सूरज को सलाम तो पूरी दुनिया करती है। लेकिन भारत की परंपरा है यह कि यहां डूबते सूरज को भी सलाम किया जाता है। सूरज डूबता हो या उगता हो, स...

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मैथिलग्रन्थ ‘वर्षकृत्य विधि’ में है सूर्य षष्ठी का वर्णन मैथिलग्रन्थ ‘वर्षकृत्य विधि’ में है सूर्य षष्ठी का वर्णन

ब्रह्मवैवर्त पुराण में षष्ठी देवी के महात्म्य, पूजन विधि एवं पृथ्वी पर इनके पूजा प्रसाद इत्यादि के विषय में चर्चा की गई है किन्तु सूर्य के स...

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अच्छाई  व बुराई के बीच जंग की दास्तां है कर्बला अच्छाई व बुराई के बीच जंग की दास्तां है कर्बला

इस्लामी महीनों में पहला महीना मोहर्रम है। इस महीने की 10 तारीख को इस्लामी तारीख का एक अहम वाकया हुआ जिसका तजकरा हर साल सारे जमाने में होता ह...

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सूर्यषष्ठी व्रत के पौराणिक आधार व लोकगाथाएं सूर्यषष्ठी व्रत के पौराणिक आधार व लोकगाथाएं

सूर्यषष्ठी व्रत (छठ पर्व) अनेक पौराणिक व लोकगाथाओं से गुंथा हुआ है। सभी कथाएं इसके महत्व पर प्रकाश डालती हैं। ज्योतिषाचार्य पं. शरदचंद्र म...

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इमाम हुसैन की शहादत का महीना है मोहर्रम इमाम हुसैन की शहादत का महीना है मोहर्रम

मोहर्रम का महीना इस्लामी साल का पहला महीना होता है। अल्लाह के नजदीक चार महीने ऐसे हैं जिनको अस्सो हुसम (रज्जब) का महीना कहा जाता है। जिसमें ...

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सूर्योपासना का पर्व है छठ पूजा सूर्योपासना का पर्व है छठ पूजा

भैया दूज के तीसरे दिन अर्थात कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से सप्तमी तक धूमधाम व आस्था-श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मूलत: बिहार से शुरू हुए इस पर्व...

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छठ पूजा का चार दिवसीय पर्व 17 नवम्बर से छठ पूजा का चार दिवसीय पर्व 17 नवम्बर से

छठ पूजा का चार दिवसीय पर्व 17 नवम्बर से शुरू हो रहा है। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी को इसकी शुरुआत ‘नहाय-खाय’ से होगी। 17 नवम्बर को ‘नहाय-खाय’ है।...

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अंधेरा धरा पे कहीं रह न जाए अंधेरा धरा पे कहीं रह न जाए

दीपावली के आगमन का समाचार सुनकर अंधकार पूर्व संध्या पर ही मैदान छोड़कर भाग खड़ा हुआ। एक दीपक अंधकार का सीना चीर देता है। यहां तो नरक चतुर्दशी ...

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किस दीया में तेल और बाती नहीं है किस दीया में तेल और बाती नहीं है

ऐसा कोई दीया नहीं है जिसमें तेल और बाती न हो। सभी दीया तेल और बाती से भरपूर हैं। बस जलना भूल गए हैं और अपने भीतर प्रकाश की पूरी संभावना लेकर...

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प्रदोष काल व अर्धरात्रि में लक्ष्‍मी पूजन उत्तम प्रदोष काल व अर्धरात्रि में लक्ष्‍मी पूजन उत्तम

1em; margin-right: 1em;"> श्रीमहालक्ष्मी पूजन कार्तिक कृष्ण अमावस में प्रदोष काल व अर्धरात्रि व्यापिनी तिथि हो तो विशेष शुभ माना जात...

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भगवान विष्णु के साथ करें लक्ष्मी पूजन भगवान विष्णु के साथ करें लक्ष्मी पूजन

लक्ष्मी का पूजन भगवान विष्णु के साथ करना चाहिए। क्योंकि बिना पति के पत्नी का स्थायित्व नहीं रहता और लक्ष्मी तो वैसे ही चंचला कही जाती हैं। स...

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भाई-बहन के मध्य सद्भावना का प्रतीक है भैयादूज भाई-बहन के मध्य सद्भावना का प्रतीक है भैयादूज

शास्त्रों के अनुसार भैया दूज अथवा यम द्वितीया को मृत्यु के देवता यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों को घर पर आमंत्रित कर य...

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दीपावली है एक, कथाएं अनेक दीपावली है एक, कथाएं अनेक

दीपावली पर्व के साथ युग-युग का इतिहास जुड़ा है। स्कंद पुराण, पद्म पुराण व भविष्य पुराण में इस पर्व से जुड़ी अनेक कथाएं प्रचलित हैं। संकलन के ...

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दीपावली के दिन तुला में मिलेंगे सूर्य-चंद्रमा दीपावली के दिन तुला में मिलेंगे सूर्य-चंद्रमा

दीपावली के दिन प्रतिवर्ष सूर्य व चंद्रमा का मिलन शुक्र के घर यानी तुला राशि में होता है। यह इस बार भी होगा। सनातन धर्म में मात्र दीपावली ही ...

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कल्याणकारी प्रतीकों का पर्व है दीपावली कल्याणकारी प्रतीकों का पर्व है दीपावली

दीपावली कल्याणकारी प्रतीकों का पर्व है। दीपावली से जुड़ी प्रत्येक वस्तुओं का अपना महत्व है। इस पर्व का नाम आते ही दीपक, कमल, स्वास्तिक, लक्ष...

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लक्ष्मी के साथ करें सरस्वती का पूजन लक्ष्मी के साथ करें सरस्वती का पूजन

दीपावली पर रात्रि में ही लक्ष्मी पूजन का महत्व है। वैसे दिन में भी अमावस्या होने पर शुभ-लाभ, अमृत एव माहेन्द्र वेला में पूजन किया जा सकता है...

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नरक चतुर्दशी के दिन पूजन से नरक का भय समाप्त होता है नरक चतुर्दशी के दिन पूजन से नरक का भय समाप्त होता है

नरक चतुर्थी व हनुमान जयंती 12 नवम्बर दिन शुक्रवार को है। इस दिन प्रात:काल जो स्नान कर यम के निमित्त पूजन व तर्पण करता है, वह मृत्यु के पश्च...

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पांच दिनों का पर्व है दीपावली पांच दिनों का पर्व है दीपावली

दीपावली पांच दिनों का पर्व है। यह धनतेरस से या भैयादूज तक चलता है। यह पर्व सुख-समृद्धि, पारिवारिक व सामाजिक संबंधों को मजबूत करने वाला है। ...

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