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मानव जीवन की आचार संहिता है धर्म मानव जीवन की आचार संहिता है धर्म

हमारे धर्म चाहे वो हिन्दू सनातन हो , हिन्दू आर्य हो, इस्लाम हो, ईसाई हो, अगर आप सूक्ष्म विश्लेषण करें तो सबने मानव जीवन को व्यवस्थित करने का...

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प्रेम विवाह के ज्योतिषीय योग प्रेम विवाह के ज्योतिषीय योग

प्राचीन ज्योतिष वाङमय में कतिपय योगों का वर्णन है जिसमें प्रेम विवाह का उल्लेख है। प्रेयसी का विचार पंचम भाव से किया जाता है और सप्तम भाव से...

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इन्द्रियजीत थे सॉक्रेटीज इन्द्रियजीत थे सॉक्रेटीज

‘फीडो’ नामक ग्रंथ में सॉक्रेटीज (सुकरात) के अंतिम क्षण का मार्मिक वर्णन है। ग्रीक दर्शन की प्रारंभिक विचारधारा बाह्य प्रकृति के विवेचन की ओर...

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संपूर्ण कष्टों को दूर करने वाली है संकष्टी चतुर्थी संपूर्ण कष्टों को दूर करने वाली है संकष्टी चतुर्थी

गणेश चतुथी व्रत 30 जनवरी को, अर्घ्य का समय रात्रि 8.41 बजेमाघ मास में कृष्ण पक्ष चतुर्थी को संकटहर या संकष्टी चतुर्थी या संकटा चौथ कहा ...

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कॅरियर में ग्रहण लगाता है ‘ग्रहण योग’ कॅरियर में ग्रहण लगाता है ‘ग्रहण योग’

जन्म पत्रिका में राहु एवं सूर्य की युति एक राशि अथवा भाव में हो तो ग्रहण योग का निर्माण होता है। सूर्य और राहु के मध्य जितनी कम दूरी होती ह...

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स्टोइक विचारधारा में चरित्र जीवन का लक्ष्य स्टोइक विचारधारा में चरित्र जीवन का लक्ष्य

चरित्र बल की प्रधानता स्टोइक मत का आधार है इस मत की प्रतिष्ठा जीनो (336 ई.पू. से 264 ई.पू.) ने एथेंस में की थी। इस मत पर पूर्वी विचारधारा की...

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वास्तु विमर्श वास्तु विमर्श

किसी भी नगर या ग्राम में नए स्थान पर घर बनाने के कार्य का नाम वास्तु (गृहारंभ) है। इसे ही भवन की नींव कहा जाता है। इसी के आधार पर झोपड़ी से ल...

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नौ ग्रहों के अतिरिक्त इन दो ग्रहों को भी जानिए नौ ग्रहों के अतिरिक्त इन दो ग्रहों को भी जानिए

हम नौ ग्रहों को तो जानते हैं परन्तु अब दो और ग्रहों का भी पता चल गया है। इनकी कक्षा के बारे में जानकारी प्राप्त हो रही है। आधुनिक ज्योतिष ग्...

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अपनी-अपनी दृष्टि से सत्य हैं सभी दर्शन अपनी-अपनी दृष्टि से सत्य हैं सभी दर्शन

जैन दर्शन कहता है कि वस्तुओं के संबंध में जो हमारे भिन्न-भिन्न प्रकार के अपरोक्ष या परोक्ष ज्ञान हैं, उनसे स्पष्ट है कि उनके अनेक धर्म हैं। ...

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माइलेशियन मत के प्रथम संस्थापक हैं थेलीज माइलेशियन मत के प्रथम संस्थापक हैं थेलीज

आधुनिक विचारधारा पर ग्रीक दर्शन के अध्ययन का पूर्ण प्रभाव है। पाश्चात्य दर्शन के सभी महत्वपूर्ण सिद्धान्तों का सूत्रपात ग्रीक दर्शन में हो ग...

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वार प्रकरण वार प्रकरण

सृष्टि का आरंभ विषुवतीय लंका नगरी (मेरु) से माना जाता है। उसी दिन से वार, मास, अयन और वर्ष इत्यादि की गणना होती है- ‘लंकानगरर्यामुदयाञ्च भान...

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स्वयं को बदलो, परिस्थिति को नहीं - ओशो स्वयं को बदलो, परिस्थिति को नहीं - ओशो

धर्म जबसे भागने पर निर्भर हो गया है, तभी से धर्म निष्प्राण हो गया है। जब धर्म वापस बदलने पर निर्भर होगा, तब उसमें फिर पुन: प्राण आएँगे।इसको ...

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माघ मास में स्नान-दान का विशेष महत्व माघ मास में स्नान-दान का विशेष महत्व

पौष मास की पूर्णिमा से माघ मास की पूर्णिमा तक माघ मास का स्नान किया जाता है। स्कंद पुराण के अनुसार माघ मास में शीतल जल में डुबकी लगाने से...

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कुंभ महापर्व का आधार है समुद्र मंथन की कथा कुंभ महापर्व का आधार है समुद्र मंथन की कथा

कुंभ की उत्पत्ति के संबंध में पुराणों में कई आख्यान मिलते हैं। इनमें स्कंद पुराण में उल्लिखित समुद मंथन की कथा सर्वाधिक प्रसिद्ध है। इ...

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भौतिक परमाणुओं के अरिक्ति इस संसार में कुछ भी नहीं भौतिक परमाणुओं के अरिक्ति इस संसार में कुछ भी नहीं

एपिक्यूरस का कथन है कि भौतिक परमाणुओं के अतिरिक्त इस संसार में और कुछ भी नित्य नहीं है। इनका समय ईसापूर्व 341 से 2070 ईसापूर्व तक है। इन्हों...

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विश्व की प्रत्येक वस्तु में है द्रव्य व स्वरूप विश्व की प्रत्येक वस्तु में है द्रव्य व स्वरूप

एरिस्टाटल का कथन है कि वस्तु जगत के प्रत्येक तत्व में दो बातें पाई जाती हैं- एक तो उसका द्रव्य और दूसरा उसका स्वरूप। स्वरूप तो सामान्य है जो...

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मनुष्य पर ग्रहों का प्रभाव मनुष्य पर ग्रहों का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मुख्यत: 9 ग्रह बताए गए हैं। इनके प्रभाव से मानव प्रभावित हो सुख-दु:ख का अनुभव करता है। एक ही ग्रह के प्रभाव से कोई...

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एकता के अमूल्य सूत्र हैं भारतीय संस्कृति में एकता के अमूल्य सूत्र हैं भारतीय संस्कृति में

संस्कृति का संबंध हमारे धर्म से है। नाना विचारधाराएं, नाना पंथों के रहते हुए भी हमारे पूर्वज एकता में नानात्व व नानात्व में एकता को देखने का...

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ताजिक फार्मूला यवन ज्योतिषियों की देन ताजिक फार्मूला यवन ज्योतिषियों की देन

वर्षफल अपने आप में एक श्रेष्ठ और अद्वितीय यवन साधन है जिसके द्वारा हम प्रत्येक वर्ष, प्रत्येक मास और प्रत्येक दिन का सूक्ष्मातिसूक्ष्म भविष्...

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कुम्भ  महापर्व की महत्ता को बताता है ऋग्वेद कुम्भ महापर्व की महत्ता को बताता है ऋग्वेद

संस्कृत ग्रंथ ‘अमरकोश’ के अनुसार ‘कुम्भे घटेभ मूर्धाशौ’ कुम्भ घड़ा, हाथी का गण्डस्थल, एक राशिपति का ग्यारहवां भाग, इन तीन अर्थों में प्रय...

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विश्व का सबसे बड़ा मेला है कुम्भ महापर्व विश्व का सबसे बड़ा मेला है कुम्भ महापर्व

इस वर्ष प्रयाग में 10 फरवरी को लगेगा कुम्भ महापर्व विश्व का सबसे बड़ा मेला है। यह भारत की प्राचीन गौरवरूपी वैदिक संस्कृति व सभ्‍यता क...

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व्यक्तित्व निर्माण के उत्तम साधन हैं संस्कार व्यक्तित्व निर्माण के उत्तम साधन हैं संस्कार

‘जन्मना जायते शूद्र: संस्कारात् द्विज उच्यते’ मनु जी का यह कथन है। शूद्र का तात्पर्य संस्कार विहीन और द्विज का तात्पर्य दुबारा जन्मा हु...

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सनातन संस्कृति की विशेषताएं सनातन संस्कृति की विशेषताएं

सनातन संस्कृति की मान्यताओं में प्रथम स्थान अवतारवाद का है। सनातन संस्कृति मानती है कि जीवन का अंत नहीं होता है। जीव नाना योनियों में ज...

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गोरक्षनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब गोरक्षनाथ मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब

भारतीय मनीषा में हठयोग की परिकल्पना को साकार करने वाले शिवावतार महायोगी गुरु गोरक्षनाथ की तपस्थली गोरक्षनाथ मंदिर में मकर संक्रांति के महापर...

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मंदिर में बही भक्ति की मंदाकिनी मंदिर में बही भक्ति की मंदाकिनी

आस्था थी। श्रद्धा थी। लाखों श्रद्धालुओं की। सूरज की किरण अभी धरती पर उतरी नहीं थी लेकिन श्रद्धालुुओं की आस्था से गुरु गोरक्षनाथ मंदिर दमक रह...

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व्यक्ति संवेदना को परिष्कृत करता है धर्म व्यक्ति संवेदना को परिष्कृत करता है धर्म

धर्म व्यक्ति की संवेदना को परिष्कृत करने वाली विद्या है। अध्यात्म का महत्व संसार के महानतम वस्तुओं से भी ऊंचा है। जीवन को चरम लक्ष्य तक ले ज...

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शुभ फलदायक है पुष्य नक्षत्र शुभ फलदायक है पुष्य नक्षत्र

भारतीय संस्कृति पूर्ण रूप से सौरमंडल से जुड़कर दैनिक क्रिया-कलापों का परामर्श देती है। सौरमंडल में बहुत से तारागण हैं परन्तु ज्योतिषियों ने प...

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