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वास्तु भूमि चयन वास्तु भूमि चयन

हमारे पूर्व आचार्यों, ऋषि-मुनियों ने गंभीर अध्ययन व अनुसंधान के द्वारा वास योग्य भूमि के विषय में उत्कृष्ट ज्ञान प्राप्त कर जनकल्याण की भावन...

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सामान्य की तात्विक सत्ता व्यक्ति से भिन्न नहीं सामान्य की तात्विक सत्ता व्यक्ति से भिन्न नहीं

सामान्य विशिष्ट व्यक्तिवाद का सूत्रपाल एबेलार्ड ने किया। इनका सिद्धान्त सामान्यवाद और व्यक्तिवाद का मिश्रण है। इनके अनुसार सामान्य की तात्वि...

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जगत ईश्वर की सत्य सृष्टि है जगत ईश्वर की सत्य सृष्टि है

इसाई धर्म के प्रारंभ काल में उनके अनुयायी ईसा मसीह द्वारा प्रतिपादित सिद्धान्तों को ही दिव्य वचन मानकर अपने जीवन को उनके उपदेशों के अनुरूप ब...

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एनसेल्म के अनुसार श्रद्धा ज्ञान की जननी है एनसेल्म के अनुसार श्रद्धा ज्ञान की जननी है

मध्यकाल का पाश्चात्य दर्शन केन्टरवरी के बड़े पादरी संत एन्सेल्म बहुत प्रतिभावान और चरित्रवान थे। धार्मिक मान्यताओं में उनका कट्टर विश्वास थ...

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मानवी बुद्धि के बाहर है परम तत्व मानवी बुद्धि के बाहर है परम तत्व

जान स्काटस एरिजेना मध्य युग के दर्शनिक हैं। वे आयरलैण्ड के निवासी थे और बड़े प्रतिभाशाली थे। लैटिन के अतिरिक्त वह ग्रीक भाषा भी जानते थे। इनक...

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जन्म कुण्डली में महत्वपूर्ण है अष्टम भाव जन्म कुण्डली में महत्वपूर्ण है अष्टम भाव

प्राय: ज्योतिष में अष्टम भाव को अशुभ भाव के रूप में परिभाषित किया गया है। किसी ग्रह का संबंध अष्टम भाव से होने पर उसके कुफल ही कहे गए हैं ले...

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नक्षत्र प्रकरण नक्षत्र प्रकरण

  ताराओं के समूह को नक्षत्र कहते हैं। आकाश स्थित अरबों मील के दायरे में फैले हुए तारामंडल को विवेचन की सुविधा के लिए सत्ताईस प्रमुख समूहों ...

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सृष्टि में चार रूपों में अभिव्यक्त हुआ है परम तत्व सृष्टि में चार रूपों में अभिव्यक्त हुआ है परम तत्व

परम तत्व उस प्याले के समान है जिसमें अनंत जल हो और समा न सकने के कारण निरंतर उसमें से बह रहा हो। जैसे जल प्रपात से निरंतर जल गिरता रहता है व...

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परम तत्व है अकेला परम तत्व है अकेला

प्लोटाइनस ने एक नए दर्शन व विचारधारा की स्थापना की जो नव प्लेटोवाद के नाम से जाना जाता है। प्लोटाइनस का जन्म मिश्र में हुआ था और ये एमोनियस ...

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मंगल दोष निवारण मंगल दोष निवारण

भारतीय ज्योतिष एवं संस्कृति में शास्त्रानुमोदित बहुत से व्रतों का विधान है। तिथि, मास, पर्व, देवता आदि की प्रसन्नता हेतु भिन्न-भिन्न अभिप्रा...

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मंगल दोष परिहार मंगल दोष परिहार

1- सर्वमान्य नियम यह है कि मंगल दोष से ग्रसित कन्या का विवाह मंगल दोष ग्रसित वर से किया जाय तो मंगल दोष का परिहार हो जाता है। 2-कन्या की कु...

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विवाह में मंगल दोष विवाह में मंगल दोष

विवाह के संदर्भ में वर एवं कन्या के माता-पिता मंगल दोष के भय से सदैव अक्रांत रहते हैं। जनमानस में मंगल दोष का भय इतना अधिक व्याप्त है कि क्न...

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जिंदा जला दिए गए थे ब्रूनो जिंदा जला दिए गए थे ब्रूनो

ब्रूनो इटली के नीला नगर में उत्पन्न हुए थे। इनका कार्यकाल ई. सन् (1548-1600) के मध्य था। पहले कैथोलिक पादरी बने किन्तु बाद में अपने विचारों ...

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पुष्ट व अपुष्ट शरीर के योग पुष्ट व अपुष्ट शरीर के योग

लग्नेश स्वनवांश में हो या शुभ ग्रहों से युत या दृष्ट हो तो शरीर स्वस्थ होता है। लग्नेश लग्न में हो तो भी शरीर सुख होता है। लग्नेश पाप ग्रहों...

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 वसंत ऋतु के आगमन की अभिनंदन तिथि है वसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन की अभिनंदन तिथि है वसंत पंचमी

वसंत पंचमी 15 फरवरी को है। यह वसंत ऋतु के आगमन की अभिनंदन तिथि है। प्राचीन काल से यह वसंत महोत्सव अपूर्व उल्लास के साथ मनाया जाता रहा है।...

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भाग्यशाली बनाता है हाथ में स्वास्तिक का चिन्ह भाग्यशाली बनाता है हाथ में स्वास्तिक का चिन्ह

भारतीय लक्षण शास्त्र में हथेली के चिह्न के विषय में बहुत कुछ लिखा गया है ये चिह्न जातक में विशेष प्रभाव डालते हैं। हथेली में बने लक्षणों का ...

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बिना द्वैत के अद्वैत नहीं रह सकता बिना द्वैत के अद्वैत नहीं रह सकता

निकोलस ने ज्ञान के चार स्तर बताए हैं- प्रथम इन्द्रिय संवेदन, जिसमें बाह्य और अंतर दोनों प्रकार का प्रत्यक्ष ज्ञान आता है। द्वितीय- सविकल्प त...

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ज्योतिष की दृष्टि में किसको कहां से और कितना मिलेगा धन ज्योतिष की दृष्टि में किसको कहां से और कितना मिलेगा धन

लग्नेश धन स्थान में, लाभेश दशम स्थान में व धनेश के अधिष्ठित नवांश का स्वामी नवम स्थान में अथवा वह शुभ ग्रह हो तो मनुष्य केवल नाम से धनी होता...

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अनंत आनंद के लिए ईश्वर का साक्षात्कार आवश्यक अनंत आनंद के लिए ईश्वर का साक्षात्कार आवश्यक

निकोलस आफ कुसा का दर्शन यह जड़ जगत और चेतन जीव दोनों ही ईश्वर के अंग हैं। ईश्वर इन दोनों की आत्मा है और इन दोनों में अंतर्यामी रूप में विराज...

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जीवन की कहानी कहती हैं हस्तरेखाएं जीवन की कहानी कहती हैं हस्तरेखाएं

सामुद्रक शास्त्र में हस्तरेखा पर सर्वांग चर्चा की गई है। यह एक ऐसा शास्त्र है जो मनुष्य के सपादमस्तक के अंगों के लक्षणों का अध्ययन प्रस्तुत ...

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मौनी अमावस्या: महोदय योग में होगा स्ना्न-दान मौनी अमावस्या: महोदय योग में होगा स्ना्न-दान

अमावस्या और पूर्णिमा दो महत्वपूर्ण तिथियां हैं क्योंकि इन दोनों तिथियों पर पृथ्वी के किसी न किसी भाग में सूर्य या चंद्र ग्रहण अवश्य होता ...

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निकोलस निरंकुश सत्ता के उपासक नहीं निकोलस निरंकुश सत्ता के उपासक नहीं

निकोलस (1401- 1461) एनआईसीएचओएलएएस का दर्शन मध्ययुग और आधुनिक युग के विचारों की संधि है। वे स्वयं पादरी थे और उन्हें पोप व चर्च की प्रभुता म...

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काले तिल के दान का विशेष महत्व काले तिल के दान का विशेष महत्व

माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी षट्तिला एकादशी के नाम से विख्यात है। यह 6 फरवरी दिन बुधवार को है। इस दिन सूर्योदय हृषिकेश पंचांग के अनुसा...

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तिथि प्रकरण तिथि प्रकरण

सूर्य और चंद्रमा के अंतराल (दूरी) से तिथियां निर्मित होती हैं। अमावस्या के दिन सूर्य एवं चंद्रमा एक सीधी रेखा में होते हैं। अत: उस दिन सूर्य...

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सृष्टि की अनवरत परिर्वतन प्रक्रिया में निहित हैं शिव सृष्टि की अनवरत परिर्वतन प्रक्रिया में निहित हैं शिव

शिव भारतीय धर्म (हिन्दू धर्म) के प्रमुख देवता हैं। ब्रह्मा और विष्णु के त्रिवर्ग में उनकी गणना होती है। पूजा, उपासना में शिव और उनकी शक्ति क...

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