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नवपंचक योग फिर देगा उत्पात को न्यौता नवपंचक योग फिर देगा उत्पात को न्यौता

लगभग एक वर्ष तक वृष के बृहस्पति (गुरु) ने पूरी दुनिया को हिलाया। कहीं तूफान तो कहीं भूकंप, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक खानों-खांचों को तोड़ते भ...

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जन्म कुण्डली में लग्न के अनुसार फल जन्म कुण्डली में लग्न के अनुसार फल

मेष लग्न -जन्म के समय यदि मेष लग्न हो तो जातक का औसत कद, सुघड़ शरीर, तीव्र स्वभाव, लालिमापूर्ण आंखें, महत्वाकांक्षी, साहसी, कमजोर टांगे, स्त्...

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एक भगवान जो इंसान बन गए एक भगवान जो इंसान बन गए

परम पूज्य जे. कृष्णमूर्ति कभी भगवान थे और बाद में वह इंसान हो गए। यह एक आश्चर्य की बात है। इंसानों में अपने को भगवान घोषित करते अनेक देखे गए...

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छाया ग्रह हैं राहु व केतु छाया ग्रह हैं राहु व केतु

राहु और केतु को ग्रह माना गया है लेकिन ये आकाश मंडल में दिखाई नहीं देते हैं। ये सूर्य, चंद्रमा व मंगल आदि ग्रहों की तरह दृश्यमान नहीं हैं। द...

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सेवक की भूमिका में है शनि ग्रह सेवक की भूमिका में है शनि ग्रह

आकाश मंडल में दिखने वाले सभी ग्रहों में शनि तेजहीन और अकेले राह चलने वाला ग्रह है। इसकी गति अन्य ग्रहों की तुलना में कम है। नौ ग्रहों में शन...

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ग्रहों की रानी है शुक्र ग्रहों की रानी है शुक्र

नौ ग्रहों में सूर्य को राजा, चंद्रमा को राजमाता और शुक्र को रानी माना गया है। चंद्रमा व शुक्र दोनों ही स्त्रीकारक ग्रह हैं लेकिन दोनों में स...

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न्यायप्रिय ग्रह है बृहस्पति (गुरु) न्यायप्रिय ग्रह है बृहस्पति (गुरु)

नौ ग्रहों में बृहस्पति इंसाफ देने का काम करता है। इन्साफ दिलाना, तत्वज्ञ, भक्ति, धर्म, पुनर्जन्म, वेद, वेदान्त, देवता आदि का यह ग्रह प्रतिनि...

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यह पुरानी दुनिया के परिवर्तन का वक्त है यह पुरानी दुनिया के परिवर्तन का वक्त है

पूरा सृष्टि चक्र चार युगों में बंटा हुआ है- सतयुग, त्रेता, द्वापर व कलियुग। समय चक्र अविरल गति से घूमता रहता है। इसे कोई भी प्रभावित नहीं कर...

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सूर्य मंडल का युवराज ग्रह है बुध सूर्य मंडल का युवराज ग्रह है बुध

सूर्य मंडल में सूर्य राजा है तो बुध युवराज। छोटे बच्चों की जिद समझ, शैतानी के बारे में सोचा जाय तो बुध के गुण और कारकत्व का अनुमान लगाया जा ...

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ग्रहों का सेनापति है मंगल ग्रहों का सेनापति है मंगल

सूर्य मंडल में सूर्य को राजा और मंगल को सेनापति कहा गया है। आकाश मंडल में यह लाल रंग का दमकता हुआ साफ-साफ दिखाई देता है। शायद उसके लाल गुण क...

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भगवान शंकर के अवतार थे आदि शंकराचार्य भगवान शंकर के अवतार थे आदि शंकराचार्य

शंकराचार्य काशी में रहकर एक दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नान करने के लिए गंगा के तट पर जा रहे थे। रास्ते में एक स्त्री अपने पति का शव रखकर विलाप ...

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स्नेह का कारक ग्रह है चंद्रमा स्नेह का कारक ग्रह है चंद्रमा

पूर्णिमा का चंद्रमा मन को बहुत आनंद देता है। इसकी तुलना बिजली की सजावट से नहीं हो सकती। चंद्रमा की इसी विशेषता के कारण स्नेह के लिए उसे देखा...

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जीवन देने वाला है सूर्य ग्रह जीवन देने वाला है सूर्य ग्रह

सूर्य पूरे सौर मंडल का निर्माता और अपनी आकर्षक शक्ति द्वारा सभी ग्रहों पर काबू करने वाला ग्रहों का राजा है। राजा के सभी गुण सूर्य में देखे ग...

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शुभ कर्मों को अक्षय करती है अक्षय तृतीया शुभ कर्मों को अक्षय करती है अक्षय तृतीया

अक्षय तृतीया का हिन्दू संस्कृति में बड़ा महत्व है। यह पर्व वैशाख शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। 13 मई दिन सोमवार को सूर्योदय 5 बजकर 24 मिनट प...

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अक्षय तृतीया के दिन हुआ था भगवान परशुराम का अवतरण अक्षय तृतीया के दिन हुआ था भगवान परशुराम का अवतरण

पुराणों के अनुसार नर्मदा नदी के तट पर अपने आश्रम में रहने वाले महर्षि जमदग्नि की पत्नी के गर्भ से भगवान विष्णु ने परशुराम के रूप में वैशाख क...

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न्यू टेस्टामेंट की प्रामाणिक रचनाओं का निर्धारण न्यू टेस्टामेंट की प्रामाणिक रचनाओं का निर्धारण

इसाइयों के पवित्र ग्रंथ बाइबिल का पूर्वार्द्ध ईसा मसीह के बहुत समय पहले से प्रचलित धर्मग्रंथ है। क्योंकि इसाइयों का विश्वास है कि बाइबिल का...

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जन्म कुण्डली देखने के लिए यह जरूर जानें जन्म कुण्डली देखने के लिए यह जरूर जानें

जन्म कुण्डली में बारहों भावों के विशेष फल तथा सप्तम स्थान से विवाह तथा उत्तम पत्नी योग एवं पत्नी के सप्तम भाव से पति का शुभ योग देखा जाता है...

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ईसाइयत के आधार हैं प्रभु यीशु ईसाइयत के आधार हैं प्रभु यीशु

संसार में प्रचलित धर्मों में इसाई धर्म का प्रमुख स्थान है। प्रभु यीशु इस धर्म के संस्थापक हैं। इनका जन्म इजरायल में हुआ था। इनके जन्म के संब...

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मूसा ने कराया लोगों को मिश्र की दासता से मुक्त मूसा ने कराया लोगों को मिश्र की दासता से मुक्त

यहूदी धर्म, इसाई धर्म व इस्लाम धर्म, तीनों की मूल भूमि फिलीस्तीन है। ये तीनों धर्म ‘सेमेटिक धर्म’ कहलाते हैं। इन तीनों की मूल मान्यताएं मिलत...

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अग्निदेव के अवतार हैं आचार्य वल्लभाचार्य अग्निदेव के अवतार हैं आचार्य वल्लभाचार्य

आचार्यपाद श्रीवल्लभ के पूर्वज दक्षिण भारत के कॉकरवाड़ ग्राम के मूल निवासी थे। तैलंग भारद्वाज गोत्रीय ब्राह्मण परिवार सात पीढ़ियों से सोमयज्ञ क...

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पाप उपशमन के लिए श्रेष्ठ है वरूथिनी एकादशी पाप उपशमन के लिए श्रेष्ठ है वरूथिनी एकादशी

एकादशी भगवान विष्णु का महाव्रत है। वैशाख कृष्ण पक्ष की एकादशी वरूथिनी एकादशी के नाम से जानी जाती है। कृष्ण पक्ष की एकादशी होने के कारण यह वा...

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दाम्पत्य भाव में शत्रु राशिगत बृहस्पति कराता है विवाह में विलम्ब दाम्पत्य भाव में शत्रु राशिगत बृहस्पति कराता है विवाह में विलम्ब

दाम्पत्य भाव सप्तम भाव को कहते हैं। इससे जीवन साथी व रोजगार दोनों का विचार किया जाता है। बृहस्पति का दाम्पत्य भाव में होना शुभ फलदायक नहीं म...

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देव पूजन की वस्तुओं के अर्थ देव पूजन की वस्तुओं के अर्थ

देवपूजन में षोडशोपचार आदि की पूजा विधि प्रयुक्त होती है। इनमें भी भाव संवेदनाएं उभारना ही प्रयोजन है। पाद्य, अर्घ्य, आचमन, स्नान के लिए ज...

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विष्कुम्भादि योगों का फल विष्कुम्भादि योगों का फल

ज्योतिष एक गहन एवं जटिल शास्त्र हैा इस शास्त्र में पारंगत होने के लिए सिद्धांत एवं होरा शास्त्र में प्रवीण होना पड़ता हैा शास्त्रों के अध...

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