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विघ्न- बाधा निवारक वीसा यंत्र विघ्न- बाधा निवारक वीसा यंत्र

सभी कार्यों में स्वास्तिक को मांगलिक चिह्न मानकर बनाया जाता है। इस स्वास्तिक के अंदर गणपति, गौरी, कूर्म, अनन्त और पृथ्वी देवता निवास करते ह...

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दरिद्रता नाश हेतु यंत्र दरिद्रता नाश हेतु यंत्र

यदि बहुत प्रयास करने के बाद भी उन्नति नहीं कर पा रहे हैं और गरीबी पीछा नहीं छोड़ती है या अत्यधिक धन कमाने के इच्छुक हैं तो इस यंत्र की सा...

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भगवती की कृपा प्राप्ति का यंत्र भगवती की कृपा प्राप्ति का यंत्र

जो साधक मां भगवती को अपना इष्ट मानते हैं या देवी के भक्त हैं, उन्हें इस यंत्र की साधना करनी चाहिए। सुयोग्य ब्राह्मण द्वारा निर्मित इस यं...

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यंत्र का ही सशक्त रूप है कवच- महामृत्युंजय  कवच यंत्रम् यंत्र का ही सशक्त रूप है कवच- महामृत्युंजय कवच यंत्रम्

यंत्रों के निर्माण की अपनी प्रक्रिया है। जब यंत्र विधि पूर्वक संकल्प, पूजन, न्यास और अभीष्ट देवता के मंत्र एवं कवच स्तोत्र से अभिमंत्रित हो ...

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अभी और गुल खिलाएगा शनि-राहु का संगम अभी और गुल खिलाएगा शनि-राहु का संगम

पिछले वर्ष 23 दिसम्बर 12 को राहु व शनि की युति हुई जो 12 जुलाई 14 तक चलेगी और शनि तुला राशि में 2 नवम्बर 14 तक रहेगा। शनि व राहु आकस्मिक पर...

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बीमारी में भी काम  आते हैं रंग बीमारी में भी काम आते हैं रंग

रंग में ईश्वर की प्राण तत्व की सूक्ष्म शक्तियां सन्निहित हैं। इसका उपयोग कर हम स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही एक साथ अनंत शक्त...

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कर्म के सारथी थे कबीर कर्म के सारथी थे कबीर

दिल्ली का बादशाह सिकन्दर लोदी बनारस आया। उसके सामने नगर के काजी ने शिकायत की थी कि यहां पर कबीर नामक उपदेशक लोगों को इस्लाम के विरुद्ध नसीहत...

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यंत्र साधना से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं यंत्र साधना से पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं

कोई भी साधना तंत्र, मंत्र एवं यंत्र, इन तीनों में से ही किसी एक रूप में होती है। तंत्र के अंतर्गत उपाय, टोटके, हवन आदि आते हैं। मंत्र साधना ...

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द्वितीय स्थान से मिलती है धन स्थिति की जानकारी द्वितीय स्थान से मिलती है धन स्थिति की जानकारी

साधारण स्थिति में द्वितीय स्थान से धन स्थान की जानकरी मिलती है परन्तु लग्न, तृतीय, षष्ठ, दशम और दकादश स्थान भी धन कमाने के लिए देखा जाता है ...

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स्वास्थ्य, स्वभाव और आयु जानें प्रथम भाव से स्वास्थ्य, स्वभाव और आयु जानें प्रथम भाव से

प्रथम भाव का नक्षत्र स्वामी जिन भावों का प्रमुख कार्येश होता है उस भाव से प्राप्त होने वाले फल से संबंधित वस्तुओं के प्रति जातक को आकर्षण, च...

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प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय- एक परिचय प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय- एक परिचय

सन् 1919 में स्थापित लीग आॅफ नेशंस का प्रयोग जब असफल हो गया तो राजनैतिक क्षितिज पर एक बार फिर युद्ध के बादल मंडराने लगे, परिदृश्य अंधकार के ...

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सभी एकादशियों का फल प्रदान करती है निर्जला एकादशी सभी एकादशियों का फल प्रदान करती है निर्जला एकादशी

ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस दिन महिलाएं एवं पुरुष अन्न, फल और यहां तक कि जल के बिना पूरे दिन उपवास करते हैं। इसी कार...

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गंगा दशहरा व्रत से नष्ट होते हैं दस प्रकार के पाप गंगा दशहरा व्रत से नष्ट होते हैं दस प्रकार के पाप

ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को गंगा दशहरा का पर्व मनाया जाता है। इस दिन गंगा जी का पृथ्वी पर अवतरण हस्त नक्षत्र में हुआ था। इस वर्ष हृषिकेश पंचांग के...

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पत्रकारिता व आध्यात्मिकता के समन्वय पर सहमत हुए मीडियाकर्मी पत्रकारिता व आध्यात्मिकता के समन्वय पर सहमत हुए मीडियाकर्मी

जनसंचार माध्यमों सहित समाज के सभी व्यवसायों से जुड़े मानवीय मूल्यों, चरित्र और आचार-विचार में तेजी से आयी गिरावट के मद्देनजर पत्रकारिता और आध...

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शांति व अहिंसा के लिए मीडिया आगे आए शांति व अहिंसा के लिए मीडिया आगे आए

Add caption कार्यक्रम का उदघाटन करती दादी रतनमोहिनी व अन्‍य n ब्रह्माकुमारी के ज्ञान सरोवर परिसर में मीडिया प्रभाग द्वारा ‘समाज में शांत...

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भारतीय संस्कृति पर धूल भले ही जम जाये लेकिन वह नष्ट नहीं होगी भारतीय संस्कृति पर धूल भले ही जम जाये लेकिन वह नष्ट नहीं होगी

ब्रह्माकुमारीज़ संस्था द्वारा आयोजित मीडिया महासम्मेलन के तीसरे दिन खुले सत्र की अध्यक्षता करते हुए सोसायटी आॅफ मीडिया इनिशिएटिव फॉर वैल्यूज ...

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भारत और नेपाल के कलाकारों ने जमाया रंग भारत और नेपाल के कलाकारों ने जमाया रंग

ब्रह्माकुमारीज संस्था के ज्ञान सरोवर परिसर में देश-विदेश से आए मीडियाकर्मियों के मनोरंजनार्थ आयोजित सुरमयी शाम को भारत व नेपाल के सिद्धहस्त ...

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ग्रहों के मार्गी और वक्री होने पर उस समय करने वाले तिलस्मी कार्य ग्रहों के मार्गी और वक्री होने पर उस समय करने वाले तिलस्मी कार्य

1-शनि जब मार्गी हो तो उस समय शत्रुता और शत्रुनाश के लिए समस्त कार्यों में सफलता मिलती है। 2-शनि जब वक्री हो तो दो मित्रों में एवे दो प्रेमि...

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दो ग्रहों की अंशात्मक युति एवं  उनके तिलस्मी कार्य दो ग्रहों की अंशात्मक युति एवं उनके तिलस्मी कार्य

जब दो ग्रह एक राशि में एक अंश पर आ जावें तो नजूमी भाषा में उसे ‘नजरे कुरान’ कहते हैं तथा भारतीय ज्योतिषी उसको युति कहकर पुकारते हैं। ऐसी स्थ...

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क्या है सृष्टि चक्र का रहस्य क्या है सृष्टि चक्र का रहस्य

यह समय चक्र है। अविरल गति से घूमता रहता है। चार युगों का चक्र पूरा होने के बाद यह सृष्टि हूबहू रिपीट होती है। पांच हजार वर्ष का एक सृष्टि चक...

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ग्रहकृत समस्याएं और उपाय ग्रहकृत समस्याएं और उपाय

ज्योतिष, मेडिकल तथा रत्नों के विशेषज्ञों, ऋषि-मुनियों ने ग्रहों दोषों के अनेक उपाय बताए हैं, जो अनुभव में ठीक सिद्ध हुए हैं। यदि सूर्य कुप्र...

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दामपत्य सुख का संवर्धन करता है शुक्र ग्रह दामपत्य सुख का संवर्धन करता है शुक्र ग्रह

शुक्र ग्रह से स्त्री, आभूषण, वाहन, व्यापार तथा सुख का विचार किया जाता है। शुक्र ग्रह अशुभ स्थिति में हो तो कफ, बात, पित्त विकार, उदर रोग, वी...

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