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कालचक्र में सूर्य, चंद्रमा व देवगुरु वृहस्पति का महत्वपूर्ण स्थान है। इन तीनों का योग ही कुंभ पर्व का आधार है। इस वर्ष सूर्य, चंद्रमा व वृहस्पति के सिंह राशि में एकत्र होने से भाद्रपद की अमावस्या तिथि को नासिक महाराष्ट्र में अति दुर्लभ कुंभ महापर्व आयोजित होगा। शास्त्रानुसार जब भाद्रपद अमावस्या को सूर्य, चंद्रमा व वृहस्पति तीनों सिंह राशि में एकत्र हों तो गोदावरी (नासिक) में कुंभ महापर्व का योग होता है। भाद्रपद अमावस्या 13 सितंबर 2015 को पड़ रही है। कुंभ में स्नान, दान, जप का विशेष महत्व है।
-आचार्य शरदचंद्र मिश्र, 430 बी, आजाद नगर, रूस्तमपुर, गोरखपुर

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