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1- मेष राशि- उपलब्धियों की दृष्टि से वर्ष अच्छा परंतु व्यय भी कम नहीं रहेगा। वर्ष के आरंभ में राशि स्वामी मंगल 12वें स्थान में है जो व्यय दर्शा रहा है। पैसा आने से पहले जाने का रास्ता तैयार रहेगा। यद्यपि शनि ग्रह राशि स्थान से नवम में गतिशील है। नवमस्थ शनि उन्नति देता है। इस वर्ष बृहस्पति गोचरवश आठवें एवं नवें गतिशील रहेंगे, अत: यदा- कदा स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आ सकती हैं। व्यापार में उपलब्धियां मिलेगी।
उपाय- हनुमान जी की उपासना करें।
2- वृषभ राशि- वृषभ राशि वाले व्यक्तियों के लिए वर्ष कष्टप्रद है। एक तरफ स्वास्थ्य का पाया कमजोर तो दूसरी तरफ विरोधियों से कड़ी टक्कर। शनि राशि से अष्टम स्थान पर रहेगा। व्यापार में सावधानी बरतें नहीं तो ज्यादा नुकसान हो सकता है। नौकरीशुदा जातक के लिए वर्ष उलझन से भरा रहेगा परंतु दांपत्य सुख मधुर, वाहन सुख उत्तम होगा। व्यापार में धोखा मिल सकता है। यात्राओं का योग है।
उपाय- शनिवार को कड़वे तेल का दान करें।
3- मिथुन राशि- वर्ष 2019 मिथुन राशि वालों के लिए अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार, व्यापार में वृद्धि होगी। शनि का सप्तम भाव में परिभ्रमण होने से वर्ष गतिशील रहेगा। 30 मार्च के बाद विद्यार्थियों के लिए उत्तम समय। घर- परिवार को प्राथमिकता देंगे, संतान के कॅरियर, विवाह का समाधान प्राप्त होगा।
उपाय- 'ऊं गं गणपतये नम:Ó मंत्र का जप और तुलसी को जल प्रदान करें।
4- कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए वर्ष अच्छी क्षमता एवं शुभ समाचारों से पूर्ण रहेगा। विरोधी कमजोर होंगे। स्वास्थ्य में उतार- चढ़ाव अपेक्षित, पति- पत्नी के संबंधों में मधुरता, नौकरी में प्रमोशन, स्थान परिवर्तन की संभावना। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। वर्ष यात्रा व उपलब्धियों से भरा रहेगा।
उपाय- 'ऊं नम: शिवायÓ मंत्र का जप हितकर रहेगा।
5- सिंह राशि- वर्ष शानदार रहेगा, उत्तम स्वास्थ्य और उपलब्धियां हासिल होंगी। संतान के कॅरियर पर धन खर्च, शनि पंचमस्थ, विद्यार्थियों के लिए अनुकूल समय, पूर्व विवाद हल होंगे, स्वास्थ्य सुधार, व्यस्तता, भागदौड़, दांपत्य सुख सामान्य, घर में मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी।
उपाय- 'ऊं घृणि: सूर्याय नम:Ó मंत्र का जप करें।
6- कन्या राशि- वर्ष संघर्षों से परिपूर्ण, स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव, शनि की ढैय्या का प्रभाव। व्यापार मे विस्तार की योजना, लंबित कार्य में गति प्राप्त होगी, आलोचना के शिकार होंगे परंतु विद्यार्थियों के लिए अनुकूल वर्ष। पारिवारिक सुख मध्यम प्रकार का रहेगा।
उपाय- गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें।
7- तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए वर्ष बेहतर रहेगा। शनि वर्ष पर्यंत तृतीय स्थानगत रहेंगे, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। पूर्व में उलझे कार्य सुलझेंगे। घर- परिवार में शांति का वातावरण, जीवन साथी से सहयोग, घर में शुभ कार्य की स्थिति।
-उपाय- दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
8- वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव, स्वास्थ्य में परेशानी परंतु मनोवांछित कार्य पूरे होंगे। संपत्ति वृद्धि के लिए ऋण, संबंधियों से मनमुटाव, पारिवारिक संबंधों में मतभेद, बौद्धिक विकास को गति, ऋणग्रस्त, षड्यंत्र के शिकार होंगे परंतु मित्रों का सहयोग मिलेगा।
उपाय- हनुमान जी की उपासना करें।
9- धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए वर्ष मुश्किलों एवं परेशानियों से परिपूर्ण। स्वास्थ्य में उतार- चढ़ाव, कार्य क्षमता में कमी आएगी, अधिकारी वर्ग से तालमेल का अभाव, गुप्त शत्रुओं से पीड़ा, आय से व्यय अधिक, बृहस्पति भी प्रतिकूल इसलिए लेन-देन में ज्यादा भरोसा हानिकारक।
उपाय- पीपल वृक्ष की उपासना और मंगलवार व्रत रहें।
10- मकर राशि- बृहस्पति आठवें और बारहवें रहेंगे, अत: वर्ष का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहेगा। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। खर्च ज्यादा होगा, रिश्तेदारों से मनमुटाव, संतान की शिक्षा पर ज्यादा खर्च, आर्थिक पक्ष कमजोर परंतु पारिवारिक दृष्टि से वर्ष अच्छा, दांपत्य सुख में मधुरता, व्यापार मे मंदी का योग।
उपाय- शनिवार को शनि देव को तेल अर्पित करें और शनि मंत्र 'ऊं शं शनिश्चराय नम:Ó का जप करें।
11- कुंभ राशि- वर्ष उन्नति दायक। राशि स्वामी शनि राशि से लाभ स्थान में रहेंगे। आर्थिक स्थित मजबूत होगी। महत्वाकांक्षा का वर्ष, विरोधियों को परास्त करेंगे। परीक्षा-साक्षात्कार में अनुकूल परिणाम। आजीविका और आय के स्रोत में इजाफा। स्वास्थ्य उत्तम, परिवार में मांगलिक कार्य, दांपत्य सुख संतोषजनक।
उपाय- सतंजा का दान शनिवार को करें।
12- मीन राशि- वर्ष अच्छा रहेगा। राशि स्वामी नवम व दशम स्थान में रहेंगे। शनि भी वर्ष पर्यंत दशम में अनुकूल। व्यापार की स्थिति उत्तम। धन वृद्धि और सुख, स्वास्थ्य में सुधार, व्यापार में विस्तार की योजना, विभागीय लोगों से सहयोग। विद्यार्थियों के लिए उत्तम वर्ष। ऋण मुक्त होंगे।
उपाय- पानी में हल्दी डालकर स्नान करें और 'ऊं नमो भगवते वासुदेवायÓ मंत्र का जप करें।

आचार्य पं शरदचंद्र मिश्र

Keywords: jyotish, rashifal

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